केंद्र सरकार ने शनिवार देर रात 59 सदस्यों वाले डेलिगेशन की घोषणा की है। इसमें 51 नेता और 8 राजदूत हैं। NDA के 31 और 20 दूसरे दलों के हैं, जिसमें 3 कांग्रेस नेता भी हैं। ये डेलिगेशन दुनिया के बड़े देशों, खासकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के सदस्य देशों का दौरा करेगा। वहां ऑपरेशन सिंदूर और पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद पर भारत का रुख रखेगा। डेलिगेशन कब रवाना होगा, फिलहाल इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, डेलिगेशन के 23 या 24 मई को भारत से रवाना होने की बात कही जा रही है। इस डेलिगेशन में झारखंड के दो सांसदों को शामिल किया गया है। इसमें झारखंड मुक्ति मोर्चा से डॉ सरफराज अहमद और भाजपा से डॉ निशिकांत दुबे शामिल हैं। पहले ग्रुप में हैं निशिकांत, जाएंगे चार देश गोड्डा से भाजपा के सांसद डॉ निशिकांत दुबे को पहले ग्रुप में रखा गया है। इन्हें सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन और अल्जीरिया की जिम्मेदारी दी गई है। वे इन देशों में जा कर ऑपरेशन सिंदूर के वास्तविक तथ्यों और भारत के रुख को स्पष्ट करेंगे। अच्छी बात यह है कि सांसद निशिकांत के ग्रुप में भी AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी भी हैं। सांसद निशिकांत दुबे ने अपने X अकाउंट पर लिखा है हम प्रधानमंत्री जी के आभारी हैं कि उन्होंने मुझे ऑपरेशन सिंदूर के बाद दुनिया के सामने पाकिस्तान की कारगुजारियों तथा भारत के आतंकवाद के खिलाफ 78 साल से हमारे संघर्ष को मुस्लिम देशों को बताने के लिए चुना । लोकतंत्र का सबसे ख़ूबसूरत चेहरा मैं और ओवैसी साहब एक साथ भारत के लोकतंत्र तथा मुसलमानों के भारत में मिले सम्मान, स्वाभिमान तथा समानता को बताएंगे। डॉ सरफराज के जिम्मे 5 देशों की जिम्मेदारी वहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा से सांसद डॉ सरफराज अहमद का नाम डेलिगेशन के ग्रुप 5 में है। ये यूएसए, पनामा, गुयाना, ब्राजील और कोलंबिया जाएंगे। जहां ऑपरेशन सिंदूर की वास्तविक स्थिति और आतंकवाद के मसले पर भारत का पक्ष रखेंगे। वहीं ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की ओर उठाए गए कदम को लेकर उसकी सच्चाई से पर्दा भी उठाएंगे। झामुमो की ओर से चुने जाने वाले सांसदों में यह इकलौते सांसद हैं। 7 ग्रुप में बंटा है पूरा डेलिगेशन दुनिया के बड़े देशों, खासकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के सदस्य देशों का दौरा करने वाले लोगों को 7 ग्रुप में बांटा गया है। हर ग्रुप में एक सांसद को लीडर बनाया गया है। प्रत्येक ग्रुप 8 से 9 सदस्य हैं। इनमें 6-7 सांसद, सीनियर लीडर (पूर्व मंत्री) और राजदूत शामिल हैं। सभी डेलिगेशन में कम से कम एक मुस्लिम प्रतिनिधि को रखा गया है। चाहे वह राजनेता हो गया राजदूत हो। कांग्रेस सांसद शशि थरूर को अमेरिका सहित 5 देश जाने वाले डेलिगेशन की कमान सौंपी गई है। क्या है ऑपरेशन सिंदूर? 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था। आतंकियों ने 26 टूरिस्ट्स की हत्या की थी। 7 मई को भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और पाक में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी। सेना ने 100 आतंकियों को मार गिराया था। दोनों देशों के बीच 10 मई की शाम 5 बजे से सीजफायर पर सहमति बनी थी।


