भास्कर न्यूज | राजनांदगांव सुप्रीम कोर्ट ने स्कूलों में दाखिले के लिए आधार कार्ड की अनिवार्यता खत्म कर दी है। कोर्ट ने कहा कि स्कूल बच्चों से आधार कार्ड नहीं मांग सकते। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने भी चेतावनी दी है कि स्कूल दाखिले के समय आधार कार्ड की मांग न करें। ऐसा करना सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन होगा। शिक्षा का अधिकार कानून के तहत जन्म प्रमाण पत्र नहीं होने पर पालक स्व-सत्यापित प्रमाण पत्र दे सकते हैं। इसके बावजूद जिले के सरकारी स्कूलों में बच्चों को बिना आधार और जन्म प्रमाण पत्र के दाखिला नहीं दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिस्टोफर पॉल ने राज्य मानव अधिकार आयोग को पत्र भेजकर शिकायत की है। उन्होंने बताया कि राजनांदगांव जिले के कई स्कूलों में बच्चों को दाखिले से रोका जा रहा है। स्कूलों के शिक्षक, शिक्षिकाएं और प्राचार्य मनमानी कर रहे हैं। डीईओ प्रवास सिंह बघेल से कार्रवाई की मांग की गई। पालकों को कहा जा रहा है कि पहले आधार और जन्म प्रमाण पत्र लाएं, तभी बच्चों को दाखिला मिलेगा। इस भीषण गर्मी में पालकों को बेवजह परेशान किया जा रहा है। ऐसे शिक्षकों और प्राचार्यों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि पीड़ित पालक दुखी और परेशान हैं। बच्चों के आवेदन सिर्फ इसलिए खारिज किए जा रहे हैं क्योंकि उनके पास आधार और जन्म प्रमाण पत्र नहीं है।


