जामताड़ा के जेबीसी हाई स्कूल के राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता और प्रभारी प्रधानाचार्य सुशील मरांडी की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। इसके विरोध में मंगलवार को स्कूल के शिक्षक, छात्र और अभिभावक सड़क पर उतर आए। सड़क के दोनों ओर अस्थाई दुकानों का अतिक्रमण दुर्घटना स्कूल के गेट पर ही हुआ था। इसलिए प्रदर्शनकारियों ने स्कूल के सामने सड़क जाम कर दिया। स्कूल के सामने की सड़क बेहद व्यस्त रहती है। सड़क के दोनों ओर अस्थाई दुकानों का अतिक्रमण है। स्पीड ब्रेकर न होने से वाहन तेज गति से गुजरते हैं। प्रशासन ने स्पीड ब्रेकर नहीं बनवाया जामताड़ा नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र मंडल, विभिन्न छात्र संगठन और शहर के बुद्धिजीवी भी प्रदर्शन में शामिल हुए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद प्रशासन ने स्पीड ब्रेकर नहीं बनवाया। अब तक इसी सड़क पर दो लोगों की मौत हो चुकी है। 12 मई को हुई थी दुर्घटना सुशील मरांडी को चार साल पहले राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। दरअसल, 12 मई को स्कूल के बाहर खड़े सुशील मरांडी को एक तेज रफ्तार बाइक ने टक्कर मार दी थी। हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया। घायल सुशील मरांडी को पहले आसनसोल के निजी अस्पताल ले जाया गया। बेहतर इलाज के लिए उन्हें दुर्गापुर रेफर किया गया। 19 मई को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इधर, जामताड़ा थाना प्रभारी रंजीत कुमार मंडल ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की। शिक्षक उमेश चंद्र ने बताया कि उन्होंने कई बार ब्रेकर बनाने की मांग की। अध्यक्ष उत्तम कुमार रवानी ने कहा कि जब तक स्पीड ब्रेकर नहीं बनेगा, आंदोलन जारी रहेगा।


