रांची |पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के निर्देश अनुसार पत्थर खदानों और क्रशर के लिए 10000 सीएफटी क्षमता/ 400 टीपीडी उत्पादन सी अधिक क्रशर/ खानों में पीएम-10 विश्लेषक स्थापित करना अनिवार्य है। मंगलवार को चैंबर के प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के सदस्य सचिव से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि परिवेशी वायु के लिए प्रयोगशाला परीक्षण रिपोर्ट भी मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं से हर छह महीने की अवधि में अनिवार्य है। प्रदुषण उप समिति चेयरमैन मुकेश कुमार ने कहा कि सीटीओ व सीटीई दोनों में ऑनलाइन प्रक्रिया होने के बावजूद इसमें काफी जटिलताएं व ऑनलाइन होने के बाद भी लोगों को बोर्ड जाना पड़ता है। इससे बहुत परेशानी होती है। इसमें सरलता लाने को कहा गया। मौके पर चैंबर के पदाधिकारी थे।


