झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) द्वारा आयोजित 21 और 22 सितंबर को आयोजित सीजीएल परीक्षा सुर्खियों में है। एक ओर अभ्यर्थी कथित पेपर लीक और गड़बड़ी का हवाला देकर परीक्षा रद्द और सीबीआई से जांच की मांग कर हैं। वहीं दूसरी ओर मेरिट लिस्ट में शामिल और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन करा चुके अभ्यर्थियों कहना है कि परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई है। गड़बड़ी होती कट ऑफ बहुत हाई होता। 60 प्रतिशत अंक लाने वाले का भी चयन हुआ है। सोमवार को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन करा चुके मोरहाबादी स्थिति बापू वाटिका से समक्ष बातचीत के क्रम में उपरोक्त बातें कही। कहा कि परीक्षा रद्द की मांग क्यों कर रहे हैं? गड़बड़ी है तो मेरिट लिस्ट में शामिल 2231 छात्रों की जांच कराएं। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग क्लियर कर चुका है कि चयनित युवाओं में 96 प्रतिशत झारखंडी हैं। पास करने वालों में अधिकांश को बाहरी बताकर भ्रम फैलाया जा रहा है। कहा कि पेपर-3 के साथ पेपर-2 लीक क्यों नहीं? मेरिट लिस्ट पेपर दो और तीन मिले अंक के आधार पर बनाया गया है। गड़बड़ी और परीक्षा रद्द की मांग करने वाले कोचिंग संस्थान से जुड़े होने का आरोप लगाया। कहा कि इस परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों का काफी समय निकल चुका है। इसके बाद मेरिट से इस परीक्षा में चयन हुआ है।


