भास्कर न्यूज | लुधियाना गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, लुधियाना के नेशनल सर्विस स्कीम (NSS) विंग ने 200 से अधिक एनएसएस वॉलंटियर्स को सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स के रूप में रजिस्टर कर देशसेवा के नए आयाम जोड़े। रजिस्ट्रेशन मायभारत पोर्टल के माध्यम से हुआ, जिसे रीजनल डायरेक्टोरेट ऑफ एनएसएस की सलाह पर यूनिवर्सिटी स्तर पर आयोजित किया गया। इस ड्राइव का उद्देश्य युवाओं में आपदा प्रबंधन, सुरक्षा सेवाओं में सहयोग और समाज के प्रति उत्तरदायित्व को मजबूत करना था। कार्यक्रम में एईसीसी ग्लोबल, लुधियाना के टीम लीडर दविंदर सिंह ने युवाओं को सिविल डिफेंस में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि देश की सेवा करने का यह स्वैच्छिक अवसर युवाओं को नेतृत्व, अनुशासन और संवेदनशीलता सिखाता है। एनएसएस प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर डॉ. निधि शर्मा ने बताया कि इस पहल से युवाओं की तैयारी का मूल्यांकन किया गया और उन्हें सिविल डिफेंस की भूमिका के लिए मानसिक व शारीरिक रूप से तैयार किया गया। डायरेक्टर स्टूडेंट्स वेलफेयर डॉ. सर्वप्रीत सिंह घुम्मन ने जानकारी दी कि सभी वॉलंटियर्स ने आपात स्थिति जैसे अस्पताल, पुलिस, फायर सर्विस या अन्य संस्थाओं में सहयोग का संकल्प लिया है। यूनिवर्सिटी स्तर पर नोडल अफसरों की नियुक्ति भी की गई है, जो छात्रों की समस्याएं सुनेंगे और संवाद बनाए रखेंगे। एनएसएस प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. नरेंद्र चंडेला ने बताया कि वॉलंटियर्स ने सिविल डिफेंस रेगुलेशंस 1968 को पढ़ा और खुद को शारीरिक रूप से फिट घोषित कर सेवा देने की इच्छा जताई। जिन वॉलंटियर्स को पूर्व में एनडीआरएफ के कैंप में डिजास्टर मैनेजमेंट की ट्रेनिंग मिल चुकी थी, उन्होंने भी इस रजिस्ट्रेशन ड्राइव में भाग लिया और सिविल डिफेंस वॉरियर्स के रूप में नाम दर्ज कराया। इस मौके पर डॉ. एसएस हसन ने सभी वॉलंटियर्स को सिविल डिफेंस से जुड़ी बारीक जानकारियां दीं ताकि वे न केवल दूसरों की सहायता कर सकें, बल्कि खुद को भी सुरक्षित रख सकें। डॉ. विशाल शर्मा ने कार्यक्रम के समन्वय में विशेष भूमिका निभाई।


