गुमला जिले के घाघरा थाना क्षेत्र के इटकीरी नावाडीह गांव में रविवार की सुबह करंट लगने से एक किसान और उसके दो बैलों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान 45 वर्षीय बुधमन उरांव के रूप में हुई है। यह हादसा उस समय हुआ जब बुधमन खेत में हल जोतने के लिए बैलों के साथ निकले थे। परिजनों के अनुसार, खेत की ओर जाते समय रास्ते में पहले से टूटा हुआ बिजली का तार पड़ा था। जैसे ही बैल उस तार के संपर्क में आए, वे करंट की चपेट में आ गए और मौके पर ही गिर पड़े। बैलों को तड़पता देख बुधमन उन्हें बचाने दौड़े, लेकिन वे खुद भी करंट की चपेट में आ गए। तीनों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई। गांव में पसरा मातम, परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल घटना के बाद गांव में मातम का माहौल है। मृतक की पत्नी सूरतमुनि देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने बताया कि पति रोज की तरह खेत में काम करने निकले थे, लेकिन किसे पता था कि यह उनकी आखिरी सुबह होगी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गांव में बिजली विभाग की लापरवाही के कारण सभी तार जर्जर हालत में हैं। कई जगहों पर तार झूलते हुए जमीन से सटे हैं। ग्रामीणों ने पहले भी इसकी शिकायत की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा घटना की जानकारी मिलते ही घाघरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। बिजली विभाग के एसडीओ करमा उरांव ने बताया कि घटना बेहद दुखद है। पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जल्द ही गांव के सभी जर्जर तारों की मरम्मत कराई जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। ———————————– इसे भी पढ़े… MLA श्वेता सिंह केस-चीफ इलेक्शन ऑफिसर से मिले बीजेपी नेता:2 पैन कार्ड और 4 वोटर कार्ड को लेकर सौंपा ज्ञापन, बोले- पूरी जांच हो बोकारो विधायक श्वेता सिंह पर लगाए गए आरोपों को लेकर राज्य का सियासी पारा चढ़ा हुआ है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का एक प्रतिनिधिमंडल राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) से मिला और बोकारो की कांग्रेस विधायक श्वेता सिंह के खिलाफ एक ज्ञापन सौंपा। भाजपा ने आरोप लगाया कि श्वेता सिंह ने 2019 विधानसभा चुनाव में नामांकन दाखिल करते समय शपथ पत्र में कई अहम जानकारियां छुपाई थीं, जो जनप्रतिनिधित्व अधिनियम का उल्लंघन है। ज्ञापन में भाजपा ने आरोप लगाया है कि श्वेता सिंह ने नामांकन पत्र भरते समय बीएसएल द्वारा आवंटित आवास का ‘नो ड्यूज सर्टिफिकेट’ नहीं संलग्न किया। इसके बावजूद उन्होंने शपथ पत्र में गलत जानकारी देते हुए ‘सरकारी बकाया’ वाले कॉलम में ‘एनए’ यानी ‘नॉट एप्लिकेबल’ लिखा। जबकि हकीकत यह है कि उनके ऊपर वर्ष 2022 से ही बीएसएल आवास का बकाया बकाया है। पूरी खबर यहां पढ़ें….


