भास्कर न्यूज | नर्मदा सहकार भारती के द्वारा अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती पर उनके योगदान और जीवन पर विशेष गोष्ठी आयोजित किया। कार्यक्रम की शुरुआत में सहकार भारती के कार्यकर्ताओं ने अहिल्याबाई के तैल चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया। मुख्य वक्ता नरेंद्र सोनी ने कहा कि अहिल्याबाई केवल नाम नहीं, लोकमाता और सामाजिक न्याय की प्रतीक हैं। उन्होंने इंदौर जैसे शहर का निर्माण किया। मालवा की प्रशासिका रानी के रूप में कई धार्मिक और न्यायिक फैसले लिए, जो आज भी प्रासंगिक हैं। सोनी ने बताया कि अहिल्याबाई अपने हर आदेश में श्रीशंकर आज्ञा लिखती थीं। इसका अर्थ था कि वह शिवभक्त हैं। सत्ता और संपत्ति को जनता की मानती थीं। इसी सोच के कारण उन्हें लोकमाता कहा गया। महिला प्रमुख पिंकी ठाकुर ने कहा कि अहिल्याबाई नारी समाज का स्वाभिमान हैं। सभी को उनसे प्रेरणा लेकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने भगवान विश्वनाथ और सोमनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिरों का निर्माण कराया। विकासखंड प्रमुख सुभाष सिंह ने कहा कि अहिल्याबाई महिला समाज की सूर्य हैं, जो कभी अस्त नहीं होतीं। उनके निर्णय आज भी अनुकरणीय हैं। उनका व्यक्तित्व हमेशा प्रेरणा देता रहेगा। गोष्ठी में सहकार भारती के त्रिवेणी पटेल, प्रमिला यादव, तान्या सिंह, करुणा सोनी, नारायणी साहू, सुभाष सिंह गहरवार, सुरेंद्र सिंह सेंगर और अभिषेक गुप्ता मौजूद थे।


