झारखंड में JPSC और JSCC के माध्यम से होने वाली नियुक्तियों की परीक्षाएं ऑनलाइन मोड में ली जा सकती है। JPSC और JSCC को इसके लिए विचार करने को कहा गया है। सीएम हेमंत सोरेन ने अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए कहा कि ऑनलाइन मोड में प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित करने की दिशा में आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए कहा कि राज्य में बड़े पैमाने पर नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है । ऐसे में नियुक्तियों को लेकर आयोजित होने वाली प्रतियोगिता परीक्षाओं में गड़बड़ियों की गुंजाइश न हो, इस दिशा में ऑनलाइन मोड में परीक्षा आयोजित करने की दिशा में आगे बढ़ाने की जरूरत है। समय की भी होगी बचत उन्होंने कहा कि कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (सीबीटी ) माध्यम से परीक्षा लेने पर काफी हद तक पेपर लीक जैसे मामलों को नियंत्रित किया जा सकता है। वहीं, ऑफलाइन परीक्षा आयोजन को लेकर होने वाली परेशानियों के साथ समय की भी बचत होगी। JSSC CGL परीक्षा के विवादों और शिकायतों की जल्द पूरी करें जांच वहीं उन्होंने कहा कि झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा जेएसएससी की सामान्य स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा -2023 से जुड़े विवादों को लेकर दर्ज मामले में जो निर्देश दिए हैं, उसी के मुताबिक पूरी निष्पक्षता के साथ जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपे। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान परीक्षा आयोजन के दौरान हुई गड़बड़ियों तथा मिली शिकायतों और परीक्षा परिणाम के बाद हुए विवाद एवं हंगामें की भी जांच हो। इसमें जो भी दोषी हों, उनके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित होनी चाहिए। JSSC CGL परीक्षा में पेपर लीक की बात जेएसएससी की ओर से ली गई संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा को लेकर एक साल से विवाद चल रहा है। इस बीच दो बार परीक्षा भी ली गई। छात्रों का कहना है कि यह परीक्षा 21 और 22 सितंबर को ली गई। 21 सितंबर को जो परीक्षा ली गई थी, उसके रिजल्ट में केवल 82 स्टूडेंट पास किए। जबकि 22 सितंबर की परीक्षा के रिजल्ट में 2149 उम्मीदवारों को पास दिखाया गया। यह अपने-आप में अनियमितता को दर्शाता है। अभी तक कटऑफ नहीं जारी किया जाना, कम मार्क्स वाले को सफल बताया जाना, साफ संकेत है कि परीक्षा में भारी गड़बड़ी हुई है। वहीं छात्र इस परीक्षा की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। अब JSSC CGL परीक्षा की होगी सीआईडी जांच विवाद में आने के बाद सीएम हेमंत सोरेन ने इस परीक्षा में लग रहे गड़बड़ी के कथित आरोपों की जांच सीआईडी को करने को कहा है। सीएम के इस आदेश के बाद डीजीपी अनुराग गुप्ता ने भी सीआइडी को पूरे मामले की जांच का आदेश दे दिया है। इसको लेकर सीआइडी आइजी सुदर्शन मंडल के नेतृत्व में जांच टीम गठित की गयी है। सीजीएल को लेकर रातू थाना में 20 दिसंबर को दर्ज केस को सीआइडी टेकओवर कर जांच करेगी। इसके अलावा भी कहीं पर कोई केस दर्ज होगा, तो उसकी जांच भी सीआइडी करेगी। इस मामले में पिछले दिनों हाइकोर्ट ने जांच का आदेश दिया था।


