पायोनियर संस्थान महालक्ष्मी नगर स्थित वरिष्ठ नागरिक डे केयर सेंटर पर वरिष्ठ नागरिकों, उनके परिवारजन एवं रहवासियों के लिए स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता कार्यक्रम किया गया। इसी श्रृंखला के अंतर्गत जयपुर के 48 वर्षों के चिकित्सकीय अनुभव प्राप्त सुप्रसिद्ध आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. अनिल चौधरी ने वरिष्ठ नागरिकों को होने वाले हड्डी रोग, उनका उपचार एवं सावधानियां विषय पर मार्गदर्शन दिया। इसमें अनेक सदस्यों ने भाग लिया । उकड़ू बैठने का प्रयास न करें इस अवसर पर डॉक्टर चौधरी ने उपस्थित सदस्यों को सलाह दी कि वे किसी भी प्रकार की शारीरिक समस्या होने पर योग्य चिकित्सक से शीघ्र संपर्क करें, इसमें विलम्ब कतई न करें। उन्होंने यह भी सलाह दी कि घर में अपने पास घंटी का स्विच अवश्य रखें एवं आकस्मिक आवश्यकता पड़ने पर इसका उपयोग करें। उकड़ू बैठने का प्रयास न करें। नहाने में जितना हो सके शॉवर का उपयोग करें एवं वॉशरूम का प्रयोग करते समय अंदर से चटकनी बंद नहीं रखें। वेस्टर्न सीट वाले वॉशरूम का ही उपयोग करें। डॉ. चौधरी ने आगे कहा कि हृदयाघात या पक्षघात होने की स्थिति में तुरंत अस्पताल पहुंचने का प्रयास करें, ताकि आवश्यक इलाज भी उन्हें तुरंत मिल सके। दुर्घटना होने की स्थिति में चोटिल अंग को अस्थाई रूप से कपड़े आदि से बांध कर रखें ताकि चोटिल भाग को और अधिक नुकसान न हो। कुशल चिकित्सक से ही अपना इलाज करवाएं डॉ. चौधरी ने आगे बताया कि दुर्घटना की स्थिति में घायल व्यक्ति को परिवार वालों की सहायता से ही वाहन तक पहुंचाएं ताकि चोटिल भाग पर अधिक दबाव न पड़े। किसी भी प्रकार की बीमारी में नीम हकीम एवं देसी इलाज से बचें। कुशल चिकित्सक से ही अपना इलाज करवाएं। बीपी एवं शुगर नियमित चेक करवाते रहें, अपनी सेहत के प्रति सदैव जागरूक रहें एवं अपने डॉक्टर के भी संपर्क में रहें। इस अवसर पर पायोनियर संस्थान के संचालक सीए डॉ. प्रमोद कुमार जैन विशेष रूप से उपस्थित थे। उन्होंने डॉ. चौधरी को मोमेंटो देकर सम्मानित किया । डॉ. जैन ने सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य हर वरिष्ठ नागरिक के चेहरे पर मुस्कान लाना है, आगे भी उनके लिए स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रमों का आयोजन जारी रहेगा। कार्यक्रम का संचालन संस्था के समन्वयक राजन रानाडे ने किया।


