मानसून 10 के बाद पहुंचने की संभावना, 6 जून से फिर गर्मी बढ़ सकती है

रांची | देश में मानसून ने समय से पहले दस्तक दे दी है। इस वजह से कई राज्यों में अच्छी बारिश हुई है। इसे देखते हुए लग रहा था कि 4 से 6 जून के बीच झारखंड में भी मानसून का प्रवेश होगा। लेकिन इसमें बदलाव हुआ है। अब अगले एक सप्ताह मानसून के प्रवेश करने की कोई संभावना नहीं है। 7 जून के बाद ही पता चलेगा कि मानसून का प्रवेश कब होगा। झारखंड में 12 जून तक मानसून आने का समय निर्धारित है। अगर इसमें देरी हुई तो गर्मी बढ़ेगी। क्योंकि, 6 जून से एक बार फिर तापमान बढ़ेगा। रांची का अधिकतम तापमान भी 38 डिग्री तक जा सकता है। दूसरे जिलों का तापमान भी बढ़ेगा। इस कारण गर्मी से राहत नहीं मिलेगी। रांची में सोमवार से आसमान साफ होने की संभावना है। ऐसे में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होगी। अगले तीन दिनों तक पारा चढ़ा रहेगा। इस दौरान बारिश होने की संभावना कम है। मानसून का प्रवेश होने पर 15 जून के बाद अच्छी बारिश हो सकती है। रांची में जून में सामान्य बारिश 197.6 एमएम होनी चाहिए, लेकिन मानसून पहुंचने में जितनी देर होगी, उतनी कम बारिश होगी। पिछले वर्ष ऐसी ही स्थिति हो गई थी। हालांकि, जून के अंतिम सप्ताह मंे अच्छी बारिश की संभावना है। जून का मौसम बादल छाए रहेंगे, पर बारिश नहीं होगी रांची में अगले 5 दिन आसमान में बादल छाए रहेंगे। 2 जून को आंशिक बादल के साथ गर्जन वाले बादल भी बन सकते हैं। 3 जून को आंशिक बादल छाया रहेगा। 4 जून और 5 जून को आंशिक बादल छाने के साथ गर्जन वाले बादल भी बन सकते हैं। इस दौरान अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। 6 जून से आसमान साफ रहेगा, गर्मी बढ़ेगी। तीन साल 40 के पार रहा था तापमान कोरोना की वजह से 2020 में लॉकडाउन था और 2021 में सेमी लॉकडाउन लगा था। जिससे वाहन व फैक्ट्रियां बंद रहने या कम चलने से तापमान कम था। कोविड के बाद लगातार तीन साल तक तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। हालांकि, इस बार मौसम में बदलाव होने से गर्मी में भी मात्र चार बार तापमान 40 के पार गया है। ऐसे में मानसून में अधिकतम तापमान कम रहने की संभावना है। 5 वर्षों में तीन बार सामान्य से कम बारिश, पिछले साल सबसे खराब स्थिति मौसम विभाग के अनुसार, जून में सामान्य बारिश 197.6 एमएम होती है। लेकिन वर्ष 2020 व 2021 में लॉकडाउन की वजह से वाहनों की आवाजाही कम थी। इस कारण जून में सामान्य से अधिक बारिश हुई। इसके बाद तीन साल सामान्य से कम बारिश हुई। सबसे खराब स्थिति पिछले साल हुई, जब जून में मात्र 80.9 एमएम बारिश हुई, जो सामान्य से 59 प्रतिशत कम थी। दरअसल, पिछले साल मानसून का प्रवेश भी अनुमान से 10 दिन देरी से हुआ था। पिछले 5 साल जून का अधिकतम तापमान 35.4 41.0 41.4 40.6 36.2 वर्ष बारिश हुई कम/अधिक 2020 211.4 07 2021 244.6 24 2022 122.8 -38 2023 99.0 -50 2024 80.9 -59 अगले पांच दिन का मौसम… निदेशक, मौसम विज्ञान केंद्र, रांची

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