भास्कर न्यूज | कवर्धा एसटी-एससी संयुक्त मोर्चा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 11 जून को राज्य स्तर पर धरना प्रदर्शन करेगा। इसकी तैयारी को लेकर कवर्धा शहर के आदिवासी मंगल भवन में बैठक हुई। एसटी-एससी संयुक्त मोर्चा कबीरधाम जिला संयोजक आसकरण सिंह धुर्वे, अश्वनी कोसरे ने बताया कि एसटी-एससी समाज के संवैधानिक अधिकारों के 9 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश व्यापी आंदोलन होना है। इसमें प्रमुख मांग एसटी-एससी वर्ग के लिए पदोन्नति में आरक्षण नियम 5 को पुनः अधिसूचित करना, सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश एक मई 2023 व 25 फरवरी 2025 को पदोन्नति में तत्काल लागू करने, जिन लोगों ने फर्जी तरीके से एसटी-एससी जाति प्रमाण पत्र बनाकर नौकरी प्राप्त किया है, ऐसे लोगों की सेवा समाप्ति की कार्रवाई जल्द से जल्द किए जाने की मांग शामिल है। बैठक में धरना-प्रदर्शन को लेकर रणनीति तैयारी की गई है। राज्य स्तर पर होने वाले इस प्रदर्शन में कबीरधाम जिले के एसटी-एससी वर्ग के कर्मचारियों व अधिकारियों को शामिल होने की अपील की गई है। बैठक में प्रांतीय उपाध्यक्ष कमलेश धुर्वे, जीके मंडावी, प्रदेश सचिव गोंडवाना गोंड महासभा जयपाल सिंह ठाकुर, प्रदेश सचिव प्रो. लवन सिंह कंवर उपस्थित थे। पेसा कानून का प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी: इस बैठक में एसटी-एससी से संबंधित कई विषयों पर चर्चा की गई। इसमें प्रमुख तौर पर पेसा एक्ट भी शामिल था। बैठक में जीके मंडावी, जयपाल सिंह ठाकुर ने कहा कि 5वी अनुसूची क्षेत्रों के 85 ब्लॉक में स्थानीय प्रशासन पेसा कानून के तहत प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी है। जाति प्रमाण पत्र प्रक्रिया का सरलीकरण किया जाए प्रदेश उपाध्यक्ष कमलेश ध्रुव ने बताया कि प्रदेश में एसटी-एसटी वर्ग के कई लोगों का स्थाई जाति प्रमाण पत्र दस्तावेज के कमी के कारण नहीं बन पा रहा है। ऐसे में ये लोग आरक्षण के लाभ से वंचित हो रहे है। इसे देखते हुए सरकार से मांग है कि एसटी-एससी वर्ग के लिए जाति प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया का सरलीकरण किया जाए। एसटी-एससी व ओबीसी वर्गों के बैकलाग पदों की पूर्ति के लिए विशेष भर्ती अभियान शुरू किया जाए। जनसंख्या के आधार पर एसटी-एससी आरक्षण का निर्धारण व भर्ती आरक्षण पर अधिनियम बनाने की कार्रवाई की जाए। इसके अलावा राज्य में आरक्षित वर्ग के छात्रवृति के लिए 2011 से निर्धारित 2.50 लाख रुपए के आय सीमा को समाप्त किया जाए।


