जालंधर| गुरुद्वारा छठी पातशाही, बस्ती शेख में जौली परिवार ने नरसिंघा भेंट किया। यह नरसिंघा खालसे की चढ़दी कला का प्रतीक माना जाता है। नगर कीर्तन में और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप को लाने और ले जाने के समय श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप के आगे नरसिंघा बजाया जाता है। मनजीत सिंह जौली और उनके बेटे रिपुदमन सिंह जौली ने यह सेवा निभाई। गुरुद्वारा प्रबंधक प्रधान गुरकृपाल सिंह ने जौली परिवार का धन्यवाद किया। उन्हें सिरोपा देकर सम्मानित किया।


