सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के बीच जूता-मोजा और पोशाक बांटने में हुई लापरवाही पर शिक्षा सचिव उमाशंकर सिंह ने सोमवार को पूर्वी सिंहभूम, लोहरदगा और सिमडेगा के डीईओ और डीएसई को शोकॉज जारी करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्टेशनरी सामग्री वितरण में जामताड़ा जिले के प्रदर्शन पर भी नाराजगी जताई। शिक्षा सचिव ने कहा कि टीम बनाकर देवघर, पश्चिम सिंहभूम, पलामू और लोहरदगा के 50 स्कूलों का रैंडम सर्वे कराया जाए। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि स्कूली बच्चों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल रहा है या नहीं। सर्वे में किसी भी स्तर पर किसी पदाधिकारी की लापरवाही सामने आने पर, उनके विरुद्ध नियम सम्मत कार्रवाई की जाएगी। सप्ताह में एक प्रखंड के विद्यालयों का औचक निरीक्षण करें : जेईपीसी के सभागार में सोमवार को शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने राज्यस्तरीय समीक्षा की। मंत्री ने कहा कि सभी जिलों के डीईओ और डीएसई प्रत्येक सप्ताह कम से कम एक प्रखंड के विद्यालयों का औचक निरीक्षण करें। साथ ही साथ निरीक्षण की जिओ टैग फोटो विभाग को उपलब्ध भी कराएं। उन्होंने कहा कि अगर परीक्षाफल अपेक्षाकृत नहीं आया, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी विभाग को लेनी चाहिए। शिक्षकों में यह भय होना चाहिए कि उनके ऊपर भी कोई है। बैठक में 791 स्नातक प्रशिक्षित शिक्षकों के प्रतिनियोजन की जांच का निर्णय हुआ। स्कूल मैनेजर की नियुक्ति प्रक्रिया जून के अंत तक पूरा करने का निर्देश दिया गया। बैठक में एसपीडी शशि रंजन, प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा निदेशक समेत सभी जिलों के डीईओ और डीएसई मौजूद थे। शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों के पेशेवर विकास के लिए चलाए जा रहे 50 घंटे के अनिवार्य प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा नहीं करने वाले शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई का आदेश दिया। वहीं शिक्षा सचिव ने निर्देश दिया कि जिन जिलों में स्नातक प्रशिक्षित शिक्षकों का प्रतिनियोजन हुआ है, खास तौर पर रांची, पलामू, लातेहार, दुमका, पूर्वी सिंहभूम, हजारीबाग और रामगढ़ जिले में इसकी जांच की जाए। वहीं, एसपीडी शशि रंजन ने बच्चों के स्वास्थ्य जांच से संबंधित शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का निर्देश दिया। वहीं, पीएम पोषण योजना के साथ साथ राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की संयुक्त रिपोर्टिंग करते हुए डाटा को एमआईएस में अपलोड करने को कहा गया है।


