जेपी केंद्रीय कारा कैंपस स्थित डिटेंशन सेंटर से बाड़ के तार हटाकर रविवार रात दो महिला सहित तीन बांग्लादेशी घुसपैठिए भाग गए। तीनों की सजा पूरी हो चुकी थी। जेल से निकालकर इन्हें डिटेंशन सेंटर में रखा गया था। इन्हें वापस बांग्लादेश भेजने की प्रक्रिया चल रही थी। इस मामले में लोहसिंघना थाने में केस दर्ज किया गया है। जगह-जगह छापेमारी की जा रही है। लेकिन सोमवार देर शाम तक सुराग नहीं मिला था। इस सेंटर से 2021 में दो बांग्लादेशी नागरिक और म्यांमार का एक नागरिक फरार हो चुका है। फरार बांग्लादेशियों में ढाका की रीना खान उर्फ फीना देवी, चटगांव की अख्तर खुशी और मोरलेगंज का नजमुल हक शामिल हैं। तीनों पर अवैध रूप से भारत में घुसने का आरोप था। तीनों पहले रांची, जामताड़ा और दुमका जेल में बंद थे। सजा पूरी होने के बाद रीना को 4 फरवरी 2022 को, अख्तर को 28 सितंबर 2024 को और नजमुल को 1 मार्च 2025 को डिटेंशन सेंटर में शिफ्ट किया गया था। आठ सुरक्षाकर्मी थे तैनात हजारीबाग डिटेंशन सेंटर की सुरक्षा में तीन महिला कांस्टेबल सहित आठ पुलिसकर्मी तैनात हैं। सेंटर के चारों ओर कांटेदार तार लगे हैं। तीनों बांग्लादेशी नागरिक कब फरार हो गए, किसी को भनक तक नहीं लगी। सोमवार सुबह इन सुरक्षाकर्मियों को विदेशी नागरिकों के फरार होने की जानकारी मिली। इसके बाद अधिकारियों को सूचना दी गई। डीसी शशि प्रकाश सिंह, एसडीपीओ सदर और अन्य अधिकारी डिटेंशन सेंटर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। फिर लौहसिंघना थाने में केस दर्ज कराया गया।-अंजनी अंजन, एसपी हजारीबाग


