भास्कर न्यूज | बालोद बालोद जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र डौण्डी ब्लॉक के ग्राम जुनवानी से चिखलीटोला तक वर्षों से ग्रामीणों के लिए पहुंच मार्ग सबसे बड़ी चुनौती रही है। दोनों गांवों के बीच महज 3 किलोमीटर की भौगोलिक दूरी होने के बावजूद ग्रामीणों को पहाड़ी और पथरीली जमीन के कारण 30 किलोमीटर लंबा चक्कर लगाकर सफर करना पड़ता था। लेकिन अब मुख्यमंत्री के सुशासन तिहार के अवसर पर घोषित 11 करोड़ 47 लाख रुपये की पक्की सड़क की स्वीकृति ने वर्षों पुराना यह इंतजार खत्म कर दिया है। ग्रामीणों के अनुसार, यह सिर्फ एक सड़क नहीं बल्कि उनके संघर्ष, श्रम और संकल्प का सम्मान है। वर्षों पहले गांववासियों ने सामूहिक श्रमदान से एक पगडंडी का निर्माण किया था, ताकि पैदल चलना संभव हो सके। मगर यह मार्ग कच्चा और उबड़-खाबड़ होने के कारण वाहनों के लिए उपयोगी नहीं था। अब इस मार्ग को पक्का बनाए जाने से जुनवानी और चिखलीटोला के बीच सीधा और सुगम संपर्क स्थापित होगा। इस निर्णय से ग्रामीणों में उत्साह है। ग्रामवासी सालिकराम कोलियारा ने बताया कि उनके दादा-पिता का सपना था कि यह मार्ग पक्का हो, ताकि गांव का विकास हो। पक्की सड़क न होने से वाहन नहीं चल सकते थे जुनवानी से चिखलीटोला के बीच ग्रामीणों ने वर्षों पूर्व सामूहिक श्रमदान से एक मार्ग बनाया था, पर पक्की सड़क न होने से वाहन नहीं चल सकते थे। मुख्यमंत्री की स्वीकृति से यह सपना अब साकार होने जा रहा है। पूर्व जनपद पंचायत सदस्य संजय बैस ने इसे क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित मांग बताया। उन्होंने कहा कि इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी। वहीं ग्रामीण हरिश्चंद्र नायक ने बताया कि यह मार्ग वर्षों से श्रमदान से बना था, लेकिन वाहन के चलने योग्य नहीं था। अब पक्की सड़क बनने से 30 किलोमीटर की दूरी तीन किलोमीटर में पूरी हो सकेगी, जिससे ग्रामीणों के समय और धन दोनों की बचत होगी। गौरतलब है कि इस सड़क की मांग लंबे समय से की जा रही थी। मंजूरी मिलने से उत्साह है।


