भास्कर न्यूज |चिरमिरी कादंबरी साहित्य परिषद के वरिष्ठ रचनाकार विजय सिंह “विजय” द्वारा रचित गजल संग्रह ख्वाबों की गज़लें का विमोचन समारोह भारतीय वाचनालय में आयोजित किया गया। इस दौरान शहर के अनेक साहित्य प्रेमियों और रचनाकारों की उपस्थिति में कार्यक्रम हुआ। इस संग्रह की संकल्पना और प्रकाशन की प्रेरणा डूंगर गांव, राजनांदगांव डॉ. माधवी रणधीर की साहित्यिक दृष्टि और सतत प्रयासों का प्रतिफल है। परिषद के अध्यक्ष सीएल मिश्रा-साहिल और महामंत्री नरेंद्र मिश्रा-धड़कन का मार्गदर्शन इस प्रकाशन की यात्रा में विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। ख्वाबों की गज़लें में 101 गजलों का संग्रह है, जिनमें प्रेम, नैतिकता, सामाजिक चेतना, मनोभाव, चारित्रिक सशक्तता व सांस्कृतिक बिंबों की झलक गहराई से मिलती है। विजय सिंह की सरल भाषा में लिखी गजलें गुरु के प्रति श्रद्धा, जीवन मूल्यों और करुणा जैसे विषयों को आत्मसात करती हैं। विमोचन समारोह में राजेंद्र तिवारी धुरंधर, राजेंद्र-राही, समीर देवनाथ, मुस्ताक अली, सफीक इलाहाबादी सहित परिषद के अनेक रचनाकार और स्थानीय साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे। सभी ने विजय सिंह “विजय” को उनके साहित्यिक योगदान के लिए बधाई दी और संग्रह को पठनीय और चिंतनपरक रचना बताया। गजल संग्रह का विमोचन करते हुए पदाधिकारी व अन्य।


