SSO पोर्टल से सिटिजन सर्विस एप को हटाया:ई-मित्र पोर्टल की कर रहे थे अनदेखी, फर्जीवाडे की शिकायत मिल रही थी

राज्य सरकार ने ई-मित्र संचालकों पर सख्ती दिखाना शुरू कर दी है। एसएसओ पोर्टल से सिटिजन सर्विस एप को हटा दिया है। अब संचालकों को ई-मित्र आईडी से ही काम करना होगा। बताया जा रहा है कि सिटीजन ऐप के अधिक उपयोग से ई-मित्र पोर्टल की उपयोगिता साबित नहीं हो पा रही थी। ई-मित्र संचालक भी सिटीजन का एप्प को ज्यादा इस्तेमाल कर रहे थे। सिटीजन ऐप का रिकार्ड भी सरकार के पास नहीं पहुंच रहा था और न ही ग्राहक के पास कोई मैसेज आ रहा था। ग्राहकों की भी बार बार शिकायतें भी सामने आ रही थी कि पैसे ज्यादा लिए जा रहे है। इस आदेश से जिले भर में 2 हजार के लगभग ई-मित्र संचालक प्रभावित हुए हैं। इधर, ई मित्र संचालकों का कहना है कि ज्यादातर संचालक बेरोजगार है। ऐसे में सिटीजन सर्विस बंद होने से रोजगार पर संकट आ गया है। फर्जीवाडे की शिकायते आ रही थी सामने सिटिजन आईडी का उपयोग करके कई फर्जीवाड़ा और अवैध गतिविधियां की जा रही थीं। सिटिजन आईडी का उपयोग करके कई नागरिकों की जानकारी का गलत इस्तेमाल किया जा रहा था। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की घटनाएं बढ़ गई थीं। साइबर सुरक्षा की दृष्टि से सिटिजन सर्विस को बंद करना आवश्यक हो गया था। लेकिन सरकार ने अब यह तय किया है कि सभी सेवाओं और योजनाओं का आवेदन केवल ई-मित्र पोर्टल के माध्यम से ही किया जाएगा। ई-मित्र केंद्रों के माध्यम से सभी सरकारी सेवाओं के लिए आवेदन किया जा सकेगा। नागरिकों को अब सिटिजन आईडी की जरूरत नहीं होगी। ई-मित्र पोर्टल पर पूरी प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाया गया है। फ्रॉड और फर्जीवाड़े की संभावना को कम किया गया है। सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग झुंझुनूं के सहायक निदेशक घनश्याम गोयल ने बताया कि ई-मित्र संचालक अपनी एसएसओ आईडी से सिटीजन सर्विस ऐप पर काम कर रहे थे। इससे ई-मित्र पोर्टल का उपयोग नहीं हो पा रहा था। संचालक की आईडी से जो सेवाएं दी जा रही थी उनका रिकार्ड भी नहीं मिल पा रहा है। ई-मित्र पर काम करवाने वाले ग्राहको के पास मैसेज भी नहीं पहुंचता था।

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