भास्कर न्यूज| चाईबासा पश्चिमी सिंहभूम में शिक्षकों की कमी को जल्द दूर किया जाएगा। राज्य सरकार की ओर से शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया की जा रही है, इसके अतिरिक्त जरूरत के हिसाब से शिक्षामित्र को डीएमएफटी फंड से मानदेय के आधार पर विद्यालय में सेवा देने का निर्णय लिया गया है। उन्क बातें तांतनगर प्रखंड के खेड़ियाटागर प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय में मैट्रिक परीक्षा में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होने वाले बच्चों के सम्मान में आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए मझगांव विधायक निरल पूर्ति ने कही। विधायक ने कहा कि इस बार जिला का मैट्रिक परीक्षा परिणाम राज्य में सबसे निचले स्तर पर रहा। इसमें सुधार करने को लेकर संबंधित पदाधिकारी के साथ वार्ता की गई है। जिला प्रशासन के साथ निर्णय लिया गया है कि डीएमएफटी फंड से शिक्षामित्र की नियुक्ति मानदेय के आधार पर की जाएगी। ये वैसे विद्यालयों में अपनी सेवा देंगे, जहां शिक्षकों की कमी है। इससे बच्चों की शिक्षा बेहतर करने में काफी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा से विकास की लकीर खींची जा सकती है। जब तक हम बच्चों को बेहतर सुविधा नहीं देंगे, उनसे हम बेहतर परिणाम की उम्मीद नहीं कर सकते हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सोच है कि सुदूरवर्ती गांव के बच्चे भी उच्च शिक्षा हासिल करें। बच्चों को जयपाल सिंह मुंडा छात्रवृत्ति योजना के तहत विदेश में पढ़ाई के लिए भेजा जा रहा है। इसलिए अभिभावक से अनुरोध है कि बच्चों को स्कूल जरूर भेजें। वहीं विधायक निरल पूर्ति ने हाटगम्हरिया प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय कलाइया में तीन कमरों के भवन का शिलान्यास किया। इस मौके पर जिला परिषद सदस्य, विद्यालय के शिक्षक, ग्रामीण मुंडा, झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ता समेत अन्य मौजूद थे।


