विपिन कुमार सिंह | चतरा पूरे देश के साथ साथ झारखंड में भी कोविड के मरीज मिल रहें हैं। झारखंड स्वास्थ्य मंत्रालय ने जिले के सभी सदर अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रहने तथा कोविड के संभावित खतरे से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है। सभी अस्पतालों को कोविड जांच की व्यवस्था करने, ट्रूनेट कोविड जांच के लिए आवश्यक केमिकल व किट की खरीददारी करने तथा आईसीयू वार्ड तैयार रखने का निर्देश विभाग की और से दिया गया है। लेकिन चतरा का सदर अस्पताल प्रबंधन कोविड के खतरे के प्रति गंभीर दिखाई नहीं पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोविड को लेकर लगभग 15 दिन पूर्व एडवायजरी जारी किया गया है। इस बीच सूबे के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी, जिले की उपायुक्त कृतिश्री व सदर अस्पताल के नोडल पदाधिकारी सह सिमरिया एसडीओ सन्नी राज ने भी सदर अस्पताल का निरीक्षण कर कोविड से निपटने की तैयारियों की समीक्षा किया है। मंत्री से लेकर अधिकारियों ने अस्पताल प्रबंधन को कोविड की जांच के लिए आवश्यक संसाधन, केमिकल, ट्रूनेट जांच किट, सेनिटाइजर व मास्क की खरीददारी करने का निर्देश दिया है। लेकिन सदर अस्पताल में अब तक ट्रूनेट जांच के लिए ना तो किट की खरीददारी की गई और ना ही केमिकल की। इसके कारण यहां ट्रूनेट से कोविड की जांच नहीं हो पा रही है। सिविल सर्जन डॉ दिनेश प्रसाद ने सदर अस्पताल में कोविड की किसी तरह की जांच की व्यवस्था नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अस्पताल प्रबंधन को जमकर फटकार लगाई। इसके बाद आनन फानन में तत्काल व्यवस्था के तहत कोविड जांच के लिए 400 रैपिड किट मंगाए गए हैं। यहां बताते चले कि रैपिड किट से कोविड जांच की व्यवस्था सिर्फ वैकल्पिक व्यवस्था मानी जाती है। रैपिड किट से जांच में कोविड पॉजेटिव पाए जाने पर इसे कन्फर्मेशन के लिए फिर से जांच के लिए ट्रूनेट में भेजा जाता है। ट्रूनेट से जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाता है कि मरीज कोविड पॉजेटिव है या फिर नेगेटिव। ऐसे में कोविड जांच के लिए ट्रूनेट ही बेहतर विकल्प माना गया है। सदर अस्पताल में ट्रूनेट से कोविड जांच की व्यवस्था नहीं होने के कारण आम लोगों के साथ साथ सेना व अर्धसैनिक बलों में काम करने वाले जवानों को परेशानी हो रही है। देश में कोविड के मामले आने के बाद से छुट्टी में अपने घर आए जवानों को ड्यूटी वापस जाने के पहले ट्रूनेट से कोविड जांच रिपोर्ट लेकर जाना अनिवार्य कर दिया गया है। ट्रूनेट कोविड जांच रिपोर्ट के साथ ही जवान अपनी यूनिट में योगदान कर सकते हैं। ऐसे में जवानों के लिए ट्रूनेट कोविड जांच आवश्यक हो जाता है।


