पांच दिनी शिविर में स्वास्थ्य के प्रति किया जागरूक

भास्कर न्यूज | जांजगीर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में छत्तीसगढ़ शासन के आयुष संचालनालय के निर्देशानुसार आयुर्वेद ग्राम कोसा में 17 से 21 जून तक योग प्रशिक्षण शिविर की शुरुआत की गई है। इस शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों में योग के प्रति रुचि जागृत करना, उन्हें रोगों से मुक्त जीवन की ओर प्रेरित करना और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना है। शिविर की शुरुआत आयुर्वेद के देवता भगवान धन्वंतरि की प्रतिमा पर धूप प्रज्वलन कर की गई। कार्यक्रम स्थल पर आध्यात्मिक और सकारात्मक वातावरण बना रहा, जिससे ग्रामीणों में उत्साह और भक्ति का संचार हुआ। शिविर में योग प्रशिक्षक सूरज कुमार पठारे द्वारा बच्चों एवं ग्रामवासियों को योग के सिद्धांत, शारीरिक-मानसिक लाभ, आसनों की उपयोगिता और श्वास नियंत्रण के महत्व की जानकारी दी गई। इसके बाद सभी को सरल योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। बच्चों को अंकुरित चना, मूंग, मूंगफली और आयुर्वेदिक काढ़ा वितरित किया गया। इसका उद्देश्य बच्चों में पोषण, आहार संतुलन और प्राकृतिक चिकित्सा के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। स्वस्थ जीवन के लिए योग आधारित समाधान प्रशिक्षण के दौरान कई ग्रामीणों ने अपनी स्वास्थ्य समस्याएं साझा कीं। प्रशिक्षक ने विभिन्न रोगों में लाभकारी आसनों और श्वसन तकनीकों की जानकारी दी। ग्रामीणों ने विशेष रुचि लेकर योग से जुड़ी जिज्ञासाओं के समाधान प्राप्त किए। योग ही है निरोग जीवन की कुंजी, शांति भी मिलती है शिविर में आयुष्मान चिकित्सा अधिकारी डॉ. ऊष्मा जांगड़े ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में योग और आयुर्वेद की महत्ता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि “नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति न केवल रोगमुक्त रहता है बल्कि मानसिक रूप से भी संतुलित और प्रसन्नचित्त रहता है।”

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *