कोरबा में गेवरा परियोजना के 85 श्रमिकों ने ट्रेड यूनियन एटक से किनारा कर लिया है। इन श्रमिकों ने अखिल भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ बीएमएस की सदस्यता ले ली है। इस बीच, एटक यूनियन ने गेवरा परियोजना के डोजर ऑपरेटर अरुण सिंह को संगठन विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाते हुए निष्कासित कर दिया है। एटक के क्षेत्रीय सचिव दीपक उपाध्याय ने पत्र जारी कर कहा कि अरुण सिंह को कई बार समझाया गया, लेकिन उनके व्यवहार में सुधार नहीं आया। इसलिए उन्हें संगठन की प्राथमिक सदस्यता और सभी पदों से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। श्रमिकों ने ली बीएमएस की सदस्यता यह कार्यक्रम भारतीय कोयला खदान मजदूर संगठन के बिलासपुर स्थित प्रधान कार्यालय में आयोजित किया गया। श्रमिक नेता अरुण सिंह के नेतृत्व में श्रमिकों ने बीएमएस की सदस्यता ली। बीएमएस बिलासपुर के महामंत्री रमेश गुरुद्वान ने सभी नए सदस्यों का स्वागत किया। अरुण सिंह ने कहा कि बीएमएस हमेशा श्रमिकों के अधिकारों के लिए लड़ता रहा है। कार्यक्रम में कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। इनमें महामंत्री सुजीत सिंह, स्टेराइजेशन कमेटी सदस्य मजरुल हक अंसारी, कोल इंडिया कल्याण मंडल सदस्य टिकेश्वर सिंह राठौर शामिल थे। राष्ट्रीय पर्यावरण प्रभारी लक्ष्मण चंद्रा, बीकेकेएमएस अध्यक्ष राम नारायण साहू और एसईसीएल आईआर प्रभारी अशोक सूर्यवंशी भी उपस्थित रहे।


