करनाल नहर में मिले बुजुर्ग के शव का मामला:पंजाब का रहने वाला था मृतक,  17 जून से था जिकरपुर से लापता, आर्थिक तंगी से था परेशान

हरियाणा में करनाल के मूनक हेड नहर से बुधवार को मिले बुजुर्ग के शव की पहचान हो गई है। बुजुर्ग 17 जून को घर से मार्किट में जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन वापिस नहीं लौटा। परिजन बुजुर्ग की लगातार तलाश कर रहे थे। परिजन फोन की लोकेशन निकालकर करनाल पहुंचे और मोर्चरी हाउस करनाल में बुजुर्ग की पहचान की। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 17 जून को घर से हुए थे लापता
जिरकपुर (पंजाब) निवासी 60 वर्षीय गुलशन कटारिया 17 जून की सुबह करीब साढ़े 10 बजे अपने घर से निकले थे। उन्होंने परिवार से कहा था कि वे मार्किट जा रहे हैं, लेकिन उसके बाद घर वापस नहीं लौटे। परिजन उनकी तलाश में जुटे रहे, लेकिन कहीं कोई सुराग नहीं मिला। बुधवार को उनकी डेडबॉडी करनाल के मूनक हेड की नहर में तैरती मिली, जिसकी पहचान गुलशन के परिजनों ने की। फोन किया तो पहले नहीं उठाया, फिर स्विच ऑफ मिला
गुलशन के दामाद अनुप ने बताया कि 17 जून को दोपहर साढ़े 12 बजे जब उन्होंने फोन किया तो कॉल उठाया नहीं गया। इसके बाद दोपहर दो बजे दोबारा कॉल किया गया तो मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा था। पहले लगा कि शायद फोन की बैटरी खत्म हो गई होगी। परिवार ने शाम तक उनका इंतजार किया, लेकिन जब वे नहीं लौटे तो रात में जिकरपुर थाने जाकर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने कहा रिश्तेदारों में तलाश करो, अगली सुबह दर्ज कराई शिकायत
शुरुआत में पुलिस ने रात के लिए इंतजार करने और रिश्तेदारों में खोजने को कहा। परिवार ने रातभर गुलशन की रिश्तेदारियों में तलाश की, लेकिन कहीं कुछ पता नहीं चला। इसके बाद अगली सुबह पुलिस से दोबारा संपर्क किया गया और मिसिंग की शिकायत दर्ज कराई गई। फोन की लोकेशन करनाल कर्ण लेक के पास मिली
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने गुलशन के मोबाइल फोन की लोकेशन निकाली। लोकेशन करनाल के कर्ण लेक के पास की मिली, जहां पर गुलशन का फोन अंतिम बार ऑन दिखा था और वहीं बंद भी हुआ। इसके बाद परिवार करनाल पहुंचा और यहां तलाश शुरू की। मुनक हेड से मिली डेडबॉडी, करनाल मोर्चरी में हुई पहचान
बुधवार को मूनक हेड के पास नहर में एक व्यक्ति का शव तैरता मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकाला गया। शव को करनाल के मोर्चरी हाउस में रखा गया, जहां पहुंचकर परिजनों ने उसकी पहचान गुलशन कटारिया के रूप में की। बीमारी और आर्थिक तंगी से थे परेशान, रियल एस्टेट में करते थे काम
परिजनों के मुताबिक गुलशन को कुछ समय पहले पैरालाइज अटैक आया था, जिसके चलते वे पहले से ही मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे। साथ ही आर्थिक तंगी ने उन्हें और टूटने पर मजबूर कर दिया था। वे रियल एस्टेट से जुड़े हुए थे, लेकिन पिछले कुछ समय से कामकाज भी सही नहीं चल रहा था। छोड़े पीछे तीन बच्चे, पोस्टमॉर्टम के बाद शव सौंपा गया
गुलशन कटारिया अपने पीछे दो बेटियां और एक बेटा छोड़ गए हैं। करनाल पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है कि यह हादसा है या आत्महत्या, फिलहाल परिजन मानसिक तनाव और बीमारी को ही मुख्य कारण मान रहे हैं।

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