अवैध प्लाटिंग करने वाले भूमाफिया लोगों को जमीन बेचकर निकल गए। सस्ते के चक्कर में आम लोगों ने अवैध कालोनियों में जमीनें खरीद ली। कमीशन और मोटी कमाई के लालच में प्रशासन ने भी इन अवैध कालोनियों पर अंकुश नहीं लगाया। नतीजा… लोग जब इन कालोनियों में घर बनाकर रहने लगे तब दिक्कतों से सामना हुआ। प्लॉट बेचते समय लोगों को 40 फुट चौड़ी रोड बतायी। मकान बनाकर रहने लगे तब पता चला 8 फुट की सड़क भी नहीं है। यही इन कालोनियों में ना तो पक्की सड़क है, ना बिजली के खंभे और ना ही नाली। बारिश में चलने का रास्ता नहीं रहता। निगम से मांग करने पर डेवलपमेंट चार्ज के नाम पर हर सुविधा इन समस्याओं से लोगों को आने वाले कई सालों तक जूझना पड़ेगा। दैनिक भास्कर ने शहर के आउटर की अवैध कालोनियों का सर्वे कर वहां रहने वालों की दिक्कतें जानीं। निगम ने 5 साल पहले जहां की थी कार्रवाई, अब वहीं बनने लगे मकान हर सुविधा का पैसा वसूलता है निगम अवैध कालोनियों में घर बनाकर रहने वाले बार-बार नगर निगम से मांग करते हैं। बसाहट बढ़ने के बाद निगम के लिए वहां सुविधाएं देना मजबूरी हो जाती है। तब निगम ऐसी कालोनियों में डेवलपमेंट का प्लान बनाती है। फिर कालोनी के विकास में आने वाला पूरा खर्च कालोनी में रहने वाले लोगों से वसूला जाता है। जैसे एक एकड़ की कालोनी में सड़क, बिजली, नाली, पानी के लिए नल की पाइपलाइन बिछाने इत्यादि पर पांच करोड़ का खर्च आता है और इस कालोनी में 500 प्लाट हैं तो यह पांच करोड़ इन 500 प्लाट वालों से वसूला जाता है। जारी है अवैध प्लाटिंग कार्रवाई का असर नहीं अभी भी भूमाफिया बेखौफ अवैध प्लाटिंग कर रहे हैं। बोरियाखुर्द रोड किनारे ही प्लाटिंग का बोर्ड लगाकर प्रचार कर रहे हैं। लोगों ने बताया ये कन्हैया साहू की जमीन है। थोड़ा आगे एक युवक मिला। उसने बताया कि उसके पास 1050, 1100 और 1600 के रेट पर प्लाट हैं। सेजबहार रोड में भावेश दुबे की अवैध प्लाटिंग चल रही है। बोरियाखुर्द, सेजबहार, डुंडा इलाके में गौरीशंकर गुप्ता, योगेश वर्मा, दाऊ भाई, विनोद दीक्षित, दुष्यंत साहू, धनेश साहू की अवैध प्लाटिंग चल रही है। नाली, सड़क, बिजली कुछ भी नहीं कॉलोनी में बोरियाखुर्द से सटी अक्षत विहार कालोनी में रहने वाले आशीष बाघ ने बताया कि उन्हें यहां मकान बनाए दस साल हो गए हैं। कालोनी में न सड़क बनाई न बिजली के खंभे लगाए गए हैं। नाली तक नहीं बनी है। नगर निगम में शिकायत करने जाओ तो कहते हैं पत्र लिखो। चिट्ठी लिखते-लिखते थक गए। सड़क में भरता है पानी आवाजाही में दिक्कत बोरियाखुर्द की कालोनी में रहने वाले श्याम लाल साहू ने बताया कि उन्होंने 2016 में यहां पर हजार वर्गफीट प्लाट 700 के भाव में खरीदा था। गांव के ही एक व्यक्ति ने खेत को काटकर प्लाट बेचना शुरू किया था। उसी समय प्लाटिंग शुरू हुई थी। धीरे-धीरे प्लाट बिकते गए।शहर में बिना लेआउट-डायवर्सन की 100 से ज्यादा अवैध कॉलोनियां, इसमें मकान बनाने वालों के लिए निगम न सड़क बना रहा न बिजली विभाग खंभे लगा रहा, जिस प्लॉट बेचने वाले ने धोखा दिया उसकी शिकायत भी नहीं कर पा रहे।


