झारखंड खनिज विकास निगम (जेएसएमडीसी) में कार्यरत संविदा कर्मियों को हटाने के प्रयासों पर झारखंड हाईकोर्ट ने अस्थायी रोक लगा दी है। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान जेएसएमडीसी और संबंधित आउटसोर्स एजेंसी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ताओं की सेवा समाप्त नहीं की जा सकती। अगली सुनवाई जुलाई माह में होगी। यह याचिका प्रिया कुमारी समेत अन्य कर्मियों द्वारा दाखिल की गई थी, जिनकी नियुक्ति वर्ष 2017 व 2019 में लेखापाल पद पर संविदा आधार पर हुई थी। याचिकाकर्ताओं के वकील रूपेश सिंह ने अदालत को बताया कि नियुक्तियां विधिवत विज्ञापन और रिक्त पदों के विरुद्ध की गई थीं। अब उन्हीं पदों पर नई संविदा नियुक्ति के लिए आउटसोर्स एजेंसी की मदद से प्रक्रिया शुरू की गई है, जिससे पूर्व से कार्यरत कर्मियों की नौकरी पर संकट खड़ा हो गया है। जेएसएमडीसी ने नई नियुक्ति का विज्ञापन 19 जून को निकाला है याचिका में यह भी दलील दी गई कि सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न हाईकोर्ट के फैसलों के अनुसार किसी पद पर पहले से कार्यरत संविदाकर्मी को हटाकर उसी पद पर नए संविदाकर्मी की नियुक्ति करना न्यायोचित नहीं है। बताया गया कि 19 जून 2025 से जेएसएमडीसी ने नई भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। अदालत ने इस पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए सभी पक्षों को जवाब दाखिल करने को कहा है।


