बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर इंडिया गठबंधन में सीट शेयरिंग का फॉर्मूला लगभग तय है। इससे झामुमो ने नाराजगी जताते हुए शुक्रवार को कहा था कि उसे सीट नहीं मिली तो अकेले चुनाव लड़ेगा। लेकिन शनिवार को पार्टी के सुर बदल गए। पार्टी महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि हम बिहार में महागठबंधन के तहत ही चुनाव लड़ेंगे। मै यह बात पूरी जिम्मेदारी के साथ कह रहा हूं। तेजस्वी यादव और हेमंत सोरेन मिलकर मजबूती के साथ चुनाव मैदान में उतरेंगे। इंडिया गठबंधन में सीट बंटवारे पर सहमति के सवाल पर उन्होंने कहा कि सीटों पर बातचीत, सीटों का बंटना, यह सब चुनाव और राजनीति में चलता रहता है। नामांकन की तिथि तक सीटें बदली जाती हैं। सीटें बांटी जाती हैं। झामुमो बिहार की कई सीटों पर मजबूत स्थिति में है। गौरतलब है कि इंडिया गठबंधन की पहली और दूसरी बैठक में झामुमो को तवज्जो नहीं दी गई थी। इससे नाराज झामुमो ने अपने दम पर चुनाव मैदान में उतरने की घोषणा की थी। राजद को गठबंधन धर्म निभाने तक की सलाह दे डाली थी। झारखंड में झामुमो और राजद के बीच बयानबाजी तेज हो गई थी। अब फिर सुर बदल गए। झामुमो का बिहार में है इन सीटों पर दावा झामुमो का बिहार की 16 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का दावा है। झामुमो की बिहार इकाई ने इन सीटों को चिह्नित कर पार्टी को भेजा है। इनमें कटोरिया, चकाई, ठाकुरगंज, कोचाधामन, रानीगंज, बनमनखी, धमदाहा, रुपौली, प्राणपुर, छातापुर, सोनवर्षा, झाझा, रामनगर, जमालपुर, तारापुर और मनिहारी शामिल हैं। लेकिन अब गठबंधन में पार्टी को कितनी सीटें मिलती है, यह भविष्य में ही तय होगा। विस चुनाव: अब 98,498 मतदान केंद्रों पर होगी वोटिंग भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार में 20,603 मतदान केंद्र बढ़ाने की मंजूरी दी है। अब विधानसभा चुनाव में 98,498 मतदान केंद्रों पर वोटिंग होगी। निर्वाचन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक राज्य में पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान 77,895 मतदान केंद्र थे। इन मतदान केंद्रों पर बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) हैं। नए मतदान केंद्रों के लिए 20,603 नए बीएलओ की नियुक्ति की जा रही है। ताकि, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) सफलतापूर्वक पूरा हो सके। वर्तमान समय में सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं के लिए गणना प्रपत्रों की छपाई और घर-घर वितरण कार्य प्रारंभ हो चुका है। नए गणना प्रपत्रों को ऑनलाइन भरने की सुविधा भी शुरू कर दी गई है। राज्य के 7.89 करोड मतदाताओं से करीब 4.96 करोड़ मतदाताओं के नाम पहले से 1 जनवरी 2003 की अंतिम गहन पुनरीक्षित मतदाता सूची में हैं। इसकी केवल इसकी पुष्टि करनी है। इस दौरान नए लोगों का नाम भी जोड़ा जाएगा। सभी को गणना प्रपत्र भरकर जमा करना अनिवार्य है। एमएमएस भेजना शुरू: राज्य में मतदाताओं की कुल संख्या 7,89,69,844 है। इनमें 5,74,07,022 पंजीकृत मोबाइल नंबर आयोग के पास है। इन नंबरों पर एसएमएस के माध्यम से विशेष गहन पुनरीक्षण भेजे का कार्य शुरू हो गया है। सुप्रियो बोले- हेमंत व तेजस्वी मिलकर चुनाव मैदान में उतरेंगे बिहार में बढ़ा 20,603 मतदान केंद्र


