मंदिर हसौद स्थित गद्दा-फोम फैक्ट्री में शुक्रवार रात भीषण आग लग गई। फैक्ट्री में उस समय 18 मजदूर काम कर रहे थे। इसमें एक एक की जिंदा जलने से मौत हो गई।,जबकि 17 मजदूर वहां से जान बचाकर भागे। कुछ लोगों को मामूली चोट आई है। उन्हें इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। 7 एकड़ में फैली फैक्ट्री पूरी तरह जलकर खाक हो गई। पुलिस व दमकल विभाग को आग पर काबू पाने में बड़ी मशक्कत करनी पड़ी। 4 घंटे में आग पर काबू पाया गया। तब तक पूरी फैक्ट्री जलकर खाक हो गई थी। पुलिस ने बताया कि धमतरी मगरलोड निवासी त्रिलोचन ध्रुव (18) मंदिर हसौद स्थित वैग इंडस्ट्रीज फैक्ट्री में काम करता था। फैक्ट्री के लेबर क्वार्टर में ही रहता था। उसके साथ फैक्ट्री में 17 और लोग काम करते थे। इसमें 10 मजदूर बाहर के हैं और 7 स्थानीय हैं। रात 8 बजे फैक्ट्री में धुंआ उठने लगे। देखते ही देखते आग भभक गई। धीरे-धीरे पूरे फैक्ट्री में फैल गई। 5 किलोमीटर दूर से धुंए का गुब्बार दिखाई दे रहा था। त्रिलोचन भीतर कमरे में काम रहा था। उसके बाकी साथी वहां से जान बचाकर भागे। त्रिलोचन भाग नहीं पाया और जिंदा जल गया। उसके साथी उसे बचाना चाहते थे, लेकिन आग की तेज लपटों की वजह से भीतर जा नहीं पाए। पुलिस ने आसपास की फैक्ट्रियों से भी दमकल की गाड़ियां बुलाई। पुलिस के अनुसार फोम का मटेरियल होने की वजह से आग तेजी से फैल गई और काबू नहीं हो रही थी। वह फैलते ही जा रही थी। फैक्ट्री में आग लगने से आसपास हड़कंप मच गया। आसपास के लोग घरों से बाहर आ गए।
फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ जांच शुरू
पुलिस ने बताया कि कारोबारी मुकेश अग्रवाल ने 2022 में फैक्ट्री शुरू की थी। वहां फोम का गद्दा तैयार किया जाता था। वहां स्थानीय और दूसरे शहर व राज्य के मजदूर भी काम करते है। पुलिस ने आगजनी में कारोबारी मुकेश के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। सुरक्षा उपाय की भी जांच की जा रही है।


