राज्य में रासायनिक खाद की कालाबाजारी को लेकर सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। मंत्री कश्यप ने शनिवार को नवा रायपुर स्थित अपने आवास पर सहकारिता और उर्वरक कंपनियों के अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि रासायनिक खाद की कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कालाबाजारी में शामिल अफसरों- कर्मचारियों और केंद्र संचालकों के ऊपर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। मंत्री कश्यप ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में डीएपी खाद की कमी को देखते हुए यदि प्रदेश में इसकी पर्याप्त सप्लाई नहीं हो पा रही है तो डीएपी के वैकल्पिक खादों के प्रति किसानों को जागरूक करें। वैकल्पिक खाद जो भी उपलब्ध है, उसे किसानों को दिया जाए। बैठक में अपेक्स बैंक के चेयरमेन केदारनाथ गुप्ता सहित रासायनिक खाद कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने सुझाव दिए। इस अवसर पर सहकारिता आयुक्त कुलदीप शर्मा, मार्कफेड एमडी किरण कौशल, कृषि संचालक राहुल देव, अपेक्स बैंक के एमडी केएन काण्डे सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं खाद कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। खरीफ 2025 के लिए 10.73 लाख टन खाद का लक्ष्य मंत्री कश्यप ने कहा कि प्रदेश में 2058 सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में रासायनिक खाद का भंडारण हो और किसानों को मांग के अनुरूप खाद मिले यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने नैनो यूरिया, नैनो डीएपी के छिड़काव के प्रति भी किसानों को जागरूक करने के निर्देश दिए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि खरीफ 2025 के लिए 10.73 लाख टन रासायनिक खाद का लक्ष्य तय किया गया है। अब तक 5.85 लाख टन का भंडारण किया जा चुका है। इसमें से किसानों को 4.37 लाख टन खाद बांटा जा चुका है। वर्तमान में समितियों में 1.18 लाख टन खाद उपलब्ध है। अधिकारियों ने बताया कि आने वाले समय में डीएपी खाद सप्लाई की संभावना है।


