शहर में कुछ विशेष परिवार के लोग खाने के लिए फंदा लगाकर वन्यजीवों की हत्या कर रहे हैं। मंडल वन अधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विभागीय कर्मचारियों को जांच के आदेश दिए हैं, ताकि शिकारियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जा सके। जिला मुख्यालय पर सारणेश्वरजी रोड स्थित हिंदू श्मशान घाट की चार दीवारी के पीछे की तरफ पहाड़ियां से लगते क्षेत्र में विशेष समाज के कुछ परिवार लोग लोहे के तारों से फंदा लगाकर वन्य जीवों को फंसा रहे हैं और उनकी हत्या के बाद उन्हें पका कर खा रहे हैं। हाल ही में वन्यजीवों में दुर्लभ प्राणी माने जाने वाले सेही इसी तरह लगाए हुए एक फंदे में फंसा हुआ मिला। वहां पहुंचे कुछ लोगों ने इसकी सूचना वन विभाग के कर्मचारियों को दी। बताया जा रहा है कि करीब 2 घंटे बाद तक जब वन विभाग के कर्मचारी नहीं पहुंचे तो इसकी सूचना पीएफए को दी। पीएफए के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और उसे फंदे से निकाल कर ले गए। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि श्मशान घाट से लेकर सारणेश्वरजी और आंबेश्वरजी की पहाड़ियों से लगते क्षेत्र में भी लोगों ने फंदे लगा रखे हैं। इन फंदो में सेही, खरगोश, चंदनगोह जैसे छोटे-बड़े वन्य जीव फंसते रहते हैं और शिकारी इन्हीं को मार कर खा जाते हैं। हालांकि इसकी जानकारी वनविभाग को है, लेकिन कर्मचारी अक्सर अनदेखा करते रहते हैं। जिसके चलते इन शिकारियों के हौसले बुलंद है, जंगल को छोड़ अब शहर के श्मशान घाट तक पहुंच फंदे लगाने से उन्हें किसी तरह का कोई गुरेज तक नहीं है। मंडल वन अधिकारी कस्तूरी प्रशांत सूले ने बताया कि वन क्षेत्र तथा वन क्षेत्र से लगते एरिया में फंदा लगाकर वन्य जीव पकड़ने वालों के खिलाफ शीघ्र ही कार्रवाई करते हुए वन्य जीव अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने के साथ ही कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही एक अभियान चलाकर गांव-गांव लोगों को भी बताया जाएगा कि वन्य जीवों को मारे नहीं बल्कि उनके बारे में कभी कोई जानकारी मिले तो उन विभाग को सूचना दे सकते हैं।


