मुहर्रम की पांचवीं तारीख मंगलवार को राजधानी के विभिन्न इमामबाड़ों में नियाज फातिया के बाद निशान खड़े किए गए। ईमाम बक्श अखाड़ा रांची के सेंट्रल स्ट्रीट हिंदपीढ़ी स्थित मुख्य इमामबाड़े में सरपरस्त मो सईद, प्रमुख खलीफा मो महजूद के नेतृत्व में नियाज फातेहा एवं सलामी के बाद निशान खड़ा किया गया। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों से आए अखाड़ा के खलीफाओं ने अपने प्रमुख खलीफा को सलामी दी और अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर हिंदपीढ़ी के थाना प्रभारी सुनील कुमार कुशवाह, डीएसपी कोतवाली प्रकाश सोय, सेंट्रल मुहर्रम कमेटी के महासचिव अकिलुर्रहमान, प्रवक्ता मो इसलाम, उपाध्यक्ष अफताब आलम, हाजी इस्लाम अशरफी, मो तौहीद व अन्य सदस्यों ने भाग लिया। धौताल अखाड़ा रांची ग्वाला टोली हिंदपीढ़ी स्थित इमामबाड़े में प्रमुख खलीफा जमशेद अली उर्फ पप्पू गद्दी के नेतृत्व में नियाज फातिया के बाद निशान खड़ा किया गया। तमाम खलीफाओं को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया। मौके पर सरपरस्त हाजी साहेब अली, धौताल अखाड़ा के उप खलीफा रोजन गद्दी, जावेद गद्दी, सदर मंसूर गद्दी, सचिव जमील गद्दी व सेंट्रल मुहर्रम महासचिव अकिलुर्रहमान, प्रवक्ता मो इसलाम समेत कई प्रशासनिक अधिकारी शामिल थे। इधर, कुल्हाड़ी शाह बाबा के दरगाह कर्बला में दरगाह कमेटी की ओर से नियाज फातिया के बाद निशान खड़ा किया गया। डोरंडा सेंट्रल मुहर्रम कमेटी की अगुवाई में मंगलवार को डोरंडा क्षेत्र के विभिन्न मुहल्लों से कर्बला से मिट्टी लाने के लिए जुलूस निकाला गया, जो निर्धारित मार्ग से डोरंडा यूनुस चौक होते हुए राजेंद्र चौक स्थित डोरंडा ईदगाह कब्रिस्तान स्थित कर्बला से मिट्टी लेकर निर्धारित मार्ग से वापस होकर अपने क्षेत्र के इमामबाड़ों में आकर मिट्टी रखी गई। डोरंडा धौताल अखाड़ा का अलम (निशान) खलीफा अतीकुर्रहमान के नेतृत्व में नियाज फातिया के बाद खड़ा किया गया एवं विभिन्न इमामबाड़ों में नियाज फातिया के बाद निशान खड़े किए गए एवं अस्त्र-शास्त्र की नुमाइश देर रात तक होती रही। संचालन डोरंडा मुहर्रम कमेटी के अध्यक्ष मो अशरफ अंसारी, सचिव मुमताज गद्दी, मौलाना मनीर, मो नसीम, पूर्व पार्षद पप्पू गद्दी समेत विभिन्न अखाड़ों के खलीफा आदि शामिल थे। मुहर्रम का निशान खड़ा किया गया।


