भास्कर न्यूज | अमृतसर वेस्ट विधानसभा हलके से टिकट की दावेदारी ठोकने के लिए बब्बी पहलवान शुक्रवार को एकता रैली करने वाले थे जिसे रोके जाने से कांग्रेस की फूट एकबार फिर सामने आई है। बताया जा रहा है कि जिले के कुछ वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं ने लॉबिंग कर उक्त रैली को रद्द करा दिया। हालांकि यह बात अलग है कि बब्बी पहलवान ने अपने घर पर रखी चाय पार्टी को ही रैली का रूप दे दिया। वेस्ट के हलका इंचार्ज बलबीर सिंह बब्बी पहलवान ने अपनी टिकट की दावेदारी करने के लिए शुक्रवार को एकता रैली करने की घोषणा की थी। शुक्रवार को होने वाली इस रैली को रामतीर्थ रोड पर स्थित एक निजी होटल में आयोजित किया जाना था। सुबह तक सभी तैयारियां मुकम्मल करा ली गई थीं। कार्यकर्ताओं और बब्बी पहलवान के नजदीकी नेताओं की ओर से उक्त पैलेस में जाने की तैयारियां की जा रही थी। रैली में पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा समेत कई अन्य सीनियर लीडरशिप ने पहुंचना था, लेकिन एकाएक बब्बी पहलवान को फोन आता है कि पंजाब कांग्रेस नेतृत्व इस रैली में नहीं आ पाएगा। बब्बी पहलवान की ओर से रैली की तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। होटल में कुर्सियां और टेबल सज चुके थे मगर ऐन वक्त पर पंजाब कांग्रेस नेतृत्व के रैली न पहुंचने का मैसेज आया, जिस कारण कुर्सिंयां-टेबल खाली रह गए। हालांकि इसके बाद बब्बी पहलवान की ओर से अपने घर पर ही शाम को टी पार्टी का कार्यक्रम रख लिया गया जिसमें राजा वड़िंग और प्रताप सिंह बाजवा पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक, बंद कमरे में प्रताप बाजवा और राजा वड़िंग के साथ हुई बैठक में बब्बी पहलवान ने बताया कि किस तरह से उनके और समर्थकों के साथ न सिर्फ पार्टी में सौतेला व्यवहार किया गया, बल्कि निगम चुनाव के दौरान उनके समर्थकों तक को टिकट नहीं दी गई। इसके बावजूद उन्होंने पार्टी का साथ नहीं छोड़ा, जिस कारण पार्टी के पार्षद विजयी हुए हैं। डॉ. राज कुमार वेरका की कांग्रेस में वापसी के बाद से ही वेस्ट हलके में घमासान मचा हुआ है। क्योंकि जब डॉ. वेरका भाजपा में शामिल हो गए थे, तो उस समय कांग्रेस की ओर से बलबीर सिंह उर्फ बब्बी पहलवान को विधानसभा क्षेत्र का इंचार्ज नियुक्त कर दिया गया था। उसके बाद बब्बी पहलवान ने हलके में अपनी पैठ बनानी शुरू कर दी मगर एकाएक फिर से डॉ. वेरका की पार्टी में वापसी हो गई। जिसके बाद जमीनी स्तर से ऊपर उठे बब्बी पहलवान और डॉ. वेरका आमने-सामने हो गए। जिसका असर नगर निगम चुनाव में देखने को मिला। शुक्रवार को गुरुनगरी पहुंचे पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने केंद्रीय ब्लॉक की बैठक से पहले मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेसी नेता सुखपाल खैहरा की ओर से कुंवर विजय प्रताप सिंह के साथ मुलाकात को उनकी निजी मुलाकात करार दिया। साथ ही कुंवर विजय प्रताप सिंह को जिस तरह से पार्टी से निष्कासित किया, उस पर उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने अपने पोस्टर ब्वॉय को ही आज बाहर का रास्ता दिखा दिया है। यह वही पोस्टर ब्वॉय है, जिनकी ओर से बरगाड़ी और बहलबल कलां गोलीकांड रिपोर्ट को पूरे पंजाब में दिखाकर यह दावा किया जाता था कि अगर सरकार बनी, तो इस रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। लेकिन सरकार बनने के बाद कार्रवाई तो क्या करनी थी, सत्तारूढ़ पार्टी ने अपने पोस्टर ब्वाय को ही पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। उन्होंने पूर्व कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल से पद छीनने पर टिप्पणी तो नहीं की, लेकिन साथ ही कटाक्ष जरूर किया कि धक्केशाही करने वालों का यही हश्र होगा। उन्होंने कहा कि वैसे तो आम आदमी पार्टी की सरकार धक्केशाही पर उतारू हो गई है। अपने पार्षद न होने पर भी अमृतसर, पटियाला, जालंधर और फगवाड़ा में अपने मेयर बना लिए गए।


