भास्कर न्यूज | अमृतसर अमृतसर रेलवे स्टेशन को विश्व स्तरीय बनाने के दावे किए जा रहे हैं मगर हकीकत में यहां यात्रियों को बुनियादी सुविधाओं के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है। स्टेशन के गोलबाग साइड पर लगाए एस्केलेटर रोजाना शाम 5 बजे के बाद बंद कर दिए जाते हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। खासकर बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे भारी सामान लेकर प्लेटफार्म तक पहुंचने के लिए हांफते नजर आते हैं। गोलबाग साइड स्टेशन का एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार है, क्योंकि यह शहर के अंदरुनी हिस्से से जुड़ा हुआ है और हजारों लोग इसी गेट के माध्यम से स्टेशन पर पहुंचते हैं। शाम के समय एस्केलेटर बंद होने से हालात खराब हो जाते हैं। बुजुर्ग-बच्चों के साथ भारी-भरकम सामान लेकर प्लेटफार्म पर पहुंचना यात्रियों के लिए मुश्किल होता है। कई बार रेलवे अधिकारियों से इस मुद्दे पर जवाब मांगा जाता है तो वह अकसर यह तर्क देते हैं कि नीचे लगे बटन को कोई यात्री दबा देता है, जिससे एस्केलेटर बंद हो जाता है मगर हकीकत कुछ और ही है। बता दें कि 2018 में गोलबाग साइड पर यात्रियों की सुविधा के लिए 1 करोड़ 20 लाख रुपए से एस्केलेटर लगाया गया था, लेकिन यह आज तक पूरी तरह से सुचारू रूप से नहीं चल पाया। यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि गोलबाग साइड पर लगे एस्केलेटर को 24 घंटे चालू रखा जाए ताकि किसी भी समय प्लेटफॉर्म पर पहुंचने में परेशानी न हो। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जाए कि एस्केलेटर को मनमर्जी से बंद करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। वहीं रेलवे स्टेशन के गोलबाग साइड पर लगाए गए एस्केलेटर अगर बंद हो जाएं तो किसे शिकायत कैसे करें, कोई नंबर भी वहां नहीं लगाया गया है। अगर रेलवे की ओर से एस्केलेटर के पास ही कोई शिकायत संबंधी नंबर लिख दिया जाए तो लोगों को परेशानी नहीं हो सकेगी।


