भास्कर न्यूज | अमृतसर दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा मानावाला में सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें साध्वी कृष्ण प्रीता भारती ने अपने ज्ञानमय प्रवचनों के माध्यम से संगत को आत्मिक तत्वों से जोड़ा। साध्वी ने कहा कि “सेवा केवल एक कर्तव्य नहीं’ बल्कि आत्मा की पुकार है। जब सेवक का मन गुरु के चरणों में पिघलने लगता है तो उसका हर लम्हा, हर श्वास सेवा बन जाता है। उन्होंने समझाया कि गुरु के प्रति निष्ठा एक ऐसी दिव्य ज्वाला है, जो सेवक को सदा सेवा के अवसर की प्रतीक्षा में बनाए रखती है। गुरु अपने सेवकों को उनकी योग्यता और सामर्थ्य के अनुसार सेवा का अवसर प्रदान करते हैं। परंतु वह सेवक जो आत्मिक निष्ठा, श्रद्धा और पूर्ण समर्पण के साथ सेवा करते हैं गुरु उन पर विशेष कृपा करते हैं। उन्होंने कहा कि सच्ची सेवा केवल हाथों की गति नहीं होती बल्कि यह हृदय की भावना होती है। यह अंतरात्मा की लीनता होती है जो गुरु को प्रसन्न करती है। अंत में साध्वियों द्वारा भक्ति से ओतप्रोत भजन प्रस्तुत किए। इस मौके पर कई लोग मौजूद रहे।


