भास्कर न्यूज | अमृतसर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अमृतसर में साफ कहा कि पंजाब ने 6 महीने पहले ही हरियाणा को उसके पानी के कोटे को लेकर चिट्ठी भेज दी थी, लेकिन वहां की सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया। जब हरियाणा ने अतिरिक्त पानी मांगा तो पंजाब सरकार ने मना कर दिया। यह बयान उन्होंने अमृतसर 346 करोड़ की विकास प्रोजेक्टों के उद्घाटन समारोह के दौरान दिया। सीएम ने कहा कि पहले की सरकारों के वक्त हरियाणा जब मर्जी, जितना चाहे पानी ले लेता था। अब हमने साफ कर दिया है कि पानी तय कोटे और तय समय के हिसाब से ही मिलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि जब इस बार हरियाणा को मनमर्जी पानी नहीं मिला तो भाखड़ा बांध प्रबंधन बोर्ड को लेकर विवाद खड़ा किया गया। लेकिन अंत में हरियाणा को उसका हक का ही पानी दिया गया। विकास प्रोजेक्टों में लिंक रोड्स, लाइब्रेरी और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े काम शामिल हैं। कार्यक्रम गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी में हुआ, जहां सीएम ने सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और विपक्ष पर निशाना भी साधा। मुख्यमंत्री ने नशे के खिलाफ मुहिम को लेकर कहा कि “बड़े तस्करों पर पंजे चलने शुरू हो गए हैं। मुझे लोगों ने कहा था कि पंगे ना लो, मरवा देंगे। लेकिन मैंने कहा, सर पर कफन बांधकर रखा है। उन्होंने बताया कि पुलिस थानों में पहले नशा तस्करों को पहले ही खबर लीक हो जाती थी, इसलिए स्टाफ के तबादले किए गए और अब छापेमारी पूरी तैयारी के साथ की जाती है। उन्होंने कहा कि नशे की सप्लाई एकदम से बंद नहीं की जा सकती, क्योंकि जो आदी हैं वे तड़पते हैं। इसलिए ओट सेंटर बनाए जा रहे हैं। मान ने कहा कि मैंने किसी का नाम नहीं लिया, पर आप समझ ही गए। लोग कहते थे इनका कुछ नहीं होगा। ये धर्म और पंथ के नाम पर वोट लेते थे। हमने पालकी वाली गाड़ियों से लेकर धार्मिक ग्रंथ ले जाने वाली गाड़ियों तक का टैक्स माफ किया। यह सिर्फ 11 लाख रुपए थे, मगर पिछली सरकारें यह भी नहीं कर सकीं। सीएम ने ठेकेदारों से कहा गया है कि सड़क की जिम्मेदारी 5 साल तक उनकी रहेगी, वरना ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। अफसर हिस्सा मांगते पाए गए तो सीधे सस्पेंड होंगे। सीएम ने कहा कि उनकी सरकार आने के बाद टाटा इंडस्ट्री, सनातन टेक्सटाइल्स और दो जर्मन कंपनियों के निवेश का एलान किया।


