गुरुवार को हरदा में विभिन्न सामाजिक संगठनों ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर प्रदर्शन किया है। जिले की टिमरनी तहसील के ग्राम जलोदा में रहने वाले एक युवक की मौत के मामले में अहिरवार समाज के साथ अन्य लोगों ने गुरुवार को करीब ढाई घण्टे तक कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। इस दौरान सभी ज्ञापन दिए बिना ही लौट गए। अहिरवार समाज के लोग कलेक्टर से मिलने की मांग पर अड़े रहे, लेकिन काफी इंतजार करने पर भी कलेक्टर के नहीं आने के बाद बिना ज्ञापन दिए ही लौट गए। साथ ही प्रशासन के अधिकारियों को आगामी दिनों हरदा बंद करने की चेतावनी दी। प्रदर्शन कर रहे लोगों से मिलने पहले संयुक्त कलेक्टर संजीव कुमार नागू पहुंचे, लेकिन सभी लोग कलेक्टर से मिलने की बात पर अड़े रहे। जिसके बाद एडीएम सतीश राय ने प्रदर्शन कर रहे लोगों से चर्चा कर उन्हें उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि डॉ. भरत कांटकर पर गलत उपचार करने और अभद्र भाषा का प्रयोग करने की शिकायत की गई थी। जिसके बाद मृतक के चाचा से एफआईआर दर्ज कराने को कहा गया।लेकिन, वह अब तक थाने नही आए है। डॉक्टर पर गलत इलाज करने का आरोप प्रोफेसर सुनील कुमार ने बताया कि उनके भतीजे अर्जुन पिता संतोष धुराये (20) को अपेंडिक्स की शिकायत थी। जिसका इलाके डॉ. भरत कांटकर से कराया गया था। लेकिन, जब उसे आराम नहीं लगा तो उसे उपचार के लिए एम्स भोपाल ले गए थे। जहां डॉक्टरों ने गलत उपचार से युवक की तबीयत बिगड़ने की बात बताई थी। जिसके बाद दिसम्बर माह के पहले सप्ताह युवक की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। जब इस मामले को लेकर उन्होंने डॉ. काटकर से बात की गई तो उन्होंने उन्हें और संविधान निर्माता बाबा साहब को गालियां दी गई। उन्होंने कहा कि उनके भतीजे की मौत के जिम्मेदार डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर अधिकारियों को पूर्व में भी ज्ञापन दिया गया। लेकिन, अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है।जब तक डॉ. काटकर का लाइसेंस रद्द कर उनके क्लिनिक को सील नहीं किया जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी पर भड़के टीआई प्रदर्शन के दाैरान लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की, इस दौरान सिविल लाइन थाना प्रभारी संतोष सिंह चौहान भड़क गए। उन्होंने कहा कि जिस सुनील कुमार के द्वारा डॉक्टर काटकर पर गाली गलौज करने का आरोप लगाया जा रहा है, उसे एफआईआर दर्ज करने के लिए बीते तीन दिनों से बुलाया जा रहा है। लेकिन वह थाने आकर रिपोर्ट दर्ज नहीं करा रहा है। वहीं गलत इलाज के आरोप की जांच के बाद ही रिपोर्ट दर्ज की जा सकती है


