भास्कर न्यूज|लुधियाना नगर निगम ने स्वास्थ्य और तहबाजारी शाखाओं को रेहड़ी-पटरी वालों के लिए जारी स्वच्छता नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अगर रेहड़ी-पटरी वाले अपनी दुकानों के आसपास कूड़ेदान और सफाई व्यवस्था सुनिश्चित नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ चालान/एफआईआर दर्ज की जा सकती है। नगर निगम के जॉइंट कमिश्नर विनीत कुमार और अंकुर महेंद्रू ने वीरवार को सराभा नगर स्थित नगर निगम जोन डी कार्यालय में इस संबंध में हेल्थ ब्रांच और तहबाजारी शाखा के अधिकारियों के साथ बैठक की। संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि रेहड़ी-पटरी वाले अपनी दुकानों के आसपास गीले और सूखे कचरे के लिए कूड़ेदान/पात्र रखें और खुले में, खासकर दुकानों के आसपास, कोई भी कचरा/अपशिष्ट न फेंका जाए। उन्हें रात में दुकान बंद करने के बाद ही कचरा संग्रहकर्ताओं को सौंपना चाहिए या निर्धारित स्थानों (ट्रांसफर स्टेशनों) पर डालना चाहिए। विक्रेताओं को कचरा जलाने, सार्वजनिक स्थानों पर थूकने, पेशाब करने या प्रतिबंधित एकल-उपयोग वाली प्लास्टिक वस्तुओं का उपयोग करने से भी बचना होगा। निगम कमिश्नर आदित्य डेचलवाल ने आदेश जारी कर कहा कि उल्लंघन करने वालों के खिलाफ 2000 रुपए तक का चालान और बार-बार नियम तोड़ने पर एफआईआर दर्ज की जा सकती है। स्वास्थ्य और तहबाजारी शाखा को समन्वय से काम करने और नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। नियमों का पालन न करने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। अवैध स्लॉटरिंग करने वालों पर एक्शन लें : जॉइंट कमिश्नर जॉइंट कमिश्नर वनीत कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य शाखा के अधिकारियों को अवैध वध के खिलाफ अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं। चालान जारी करने और अवैध रूप से काटे गए मांस को नष्ट करने के अलावा, अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अगर मालिक अवैध वध रोकने में विफल रहते हैं, तो मांस की दुकानों को सील किया जाए। मांस की दुकान के मालिकों को निर्देश दिया जाना चाहिए कि वे हंब्रान रोड स्थित नगर निगम के आधुनिक बूचड़खाने से मांस कटवाएं। बैठक में सहायक आयुक्त गुरपाल सिंह, तहबाजारी अधीक्षक, निगम स्वच्छता अधिकारी (सीएसओ), मुख्य स्वच्छता निरीक्षक (सीएसआई), स्वच्छता निरीक्षक आदि उपस्थित थे।


