भास्कर न्यूज | जालंधर वरियाणा में लगातार हो रही बारिश के चलते नगर निगम की कचरा प्रोसेसिंग व्यवस्था चरमरा गई है। पिछले 7 दिनों से कचरे की प्रोसेसिंग पूरी तरह बंद है, क्योंकि बारिश के कारण कूड़ा पूरी तरह गीला हो चुका है। स्लैडर मशीनों में गीले कचरे की प्रोसेसिंग नहीं हो पाती, जिस कारण एजेंसी ने अस्थायी तौर पर काम रोक दिया है। इसके अलावा, डंपिंग साइट पर कीचड़ होने से लिफ्टिंग कार्य भी प्रभावित है, जिससे शहरभर से कचरा समय पर उठाया नहीं जा पा रहा। वरियाणा डंप साइट पर कीचड़ और फिसलन के कारण कचरा लेकर आने वाले वाहन फंस जाते हैं। इससे वहां जाम की स्थिति बन रही है और घंटों तक कचरे से भरे ट्रक खड़े रहते हैं। ऐसे में सड़कों तक कचरा फैलने लगा है, जिससे आमजन, विशेषकर राहगीरों और वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गंदगी और बदबू ने हालात और खराब कर दिए हैं। बारिश के कारण केवल प्रोसेसिंग ही नहीं, बल्कि बायो माइनिंग का काम भी बंद पड़ा है। एसडीओ हरप्रीत के अनुसार, बारिश में गीले कचरे की वजह से बायो माइनिंग संभव नहीं है और मौसम साफ होने के बाद ही यह प्रक्रिया दोबारा शुरू की जाएगी। कमिश्नर गौतम जैन ने 30 जून को वरियाणा डंप का निरीक्षण कर बीएंडआर ब्रांच को रास्ता पक्का करने के निर्देश दिए थे। आदेश दिया गया कि सीएंडडीएस प्लांट से मलबा लाकर डंप साइट के रास्ते को मजबूत किया जाए ताकि वाहनों की आवाजाही सुचारु रूप से हो सके। हालांकि, यह कार्य अभी अधूरा है और उसी के चलते शुक्रवार को कई कचरा वाहन दोपहर तक फंसे रहे।


