भास्कर न्यूज | अंबागढ़ चौकी धानापयली नाले में बाढ़ के चलते सोमवार से अंबागढ़ चौकी को सेम्हरबांधा व धानापायली को जोड़ने वाली मार्ग में आवागमन ठप है। 96 घंटे से नाले में बाढ़ के वजह से आवाजाही बंद होने से इन दोनों गांव के तीन हजार से अधिक की आबादी को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। परेशान ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से नाले पर पुल निर्माण की मांग की है। रविवार से बुधवार तक क्षेत्र में निरंतर हुई बारिश से धानापायली नाले में बाढ़ है। इस नाला में पुल से पांच से छह फीट उपर पानी बह रहा है। नाले से लगे खेत खलिहान पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। इससे नाला के आगे बसे ग्राम धानापायली व सेम्हरबांधा का सड़क संपर्क अंबागढ़ चौकी से टूट गया है। इन दोनों गांवों के ग्रामीणों को ब्लाक मुख्यालय से संपर्क बनाए रखने के लिए भड़सेना-हाथीकन्हार के रास्ते से 10 किमी अतिरिक्त यात्रा तय करनी पड़ रही है। यहां के निवासियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि हर दिन इस गांव के सैकड़ों लोगों को मजदूरी, खरीदी व कामकाज के सिलसिले में आना-जाना पड़ता है। बाढ़ से हर वर्ष पंद्रह दिन रहता है आवागमन ठप सेम्हरबांधा के सरपंच राजू परतेती ने बताया कि धानापायली नाला में बाढ़ कोई इस वर्ष की ही समस्या नहीं है। ऐसा हर साल होता है और हर वर्ष नाला में बाढ़ के वजह से सेम्हरबांधा-धानापायल ी को चौकी को जोड़ने वाला सड़क अवरूद्ध रहता है। पिछले दो दशक से इस समस्या को लेकर खासे परेशान हैं। हर वर्ष बारिश के समय नाला में बाढ़ के चलते 10 से 15 दिन मार्ग में आवागमन ठप रहता है। दोनों गांव के तीन हजार से अधिक की आबादी को परेशानी हो रही है। सबसे अधिक मुश्किलें स्कूली बच्चों, महिलाओं को उठानी पड़ती है। पुल बनाने नेताओं का वादा झूठा धानापायली नाले पर पुल निर्माण की मांग पिछले दो दशक से हो रही है। यहां पर उच्चस्तरीय पुल निर्माण की मांग डॉ. रमन सिंह की सरकार के समय से हो रहा है। भूपेश सरकार में भी यह मांग प्रमुखता से उठा। लेकिन हर सरकार में सत्ता पक्ष के नेताओं से पुल निर्माण करने का वादा हुआ लेकिन पुल निर्माण के लिए किसी ने मंजूरी नहीं दिलाई। आज भी इन गांवों में जब कोई नेता पहुंचते हैं तो ग्रामीणों के द्वारा यह मांग उठाया जाता है। सुनसान रास्ता पार करना पड़ रहा धानापायली व सेम्हरबांधा गांव की दूरी अंबागढ़ चौकी नगर से मात्र दो व तीन किमी से अधिक नहीं है। लेकिन जब नाला में बाढ़ होता है तो इन दोनों गांवों के ग्रामीणों को चौकी अप डाउन के लिए भड़सेना-हाथीकन्हार मार्ग से चौकी नगर आना-जाना पड़ता है। इससे दूरी 10 किमी अधिक बढ़ जाती है। इस रूट में भड़सेना से सेम्हरबांधा तक कच्ची सड़क जंगल व सुनसान रास्ता होने के कारण परेशानी बढ़ गई है।


