भास्कर न्यूज | कवर्धा किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से राहत देने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की अधिसूचना जारी कर दी गई है। खरीफ वर्ष 2025-26 के लिए जिले में बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई तय की गई है। इस योजना के तहत धान सिंचित, धान असिंचित, मक्का, सोयाबीन, अरहर, मूंग, कोदो, कुटकी, रागी, मूंगफली और उड़द फसलों का बीमा कराया जा सकता है। योजना में ऋणी और अऋणी दोनों प्रकार के किसान शामिल हो सकते हैं। भू-धारक और बटाईदार किसान भी पात्र होंगे। अधिसूचित ग्राम में अधिसूचित फसल के लिए जिन किसानों को वित्तीय संस्थानों से मौसमी कृषि ऋण स्वीकृत या नवीनीकृत हुआ है, उन्हें योजना में अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा। गैर ऋणी किसान भी आधार कार्ड, बैंक पासबुक, बी-1, खसरा और स्व-प्रमाणित फसल बुआई प्रमाण-पत्र के साथ योजना में शामिल हो सकते हैं। किसानों को कुल बीमित राशि का 2 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा। धान सिंचित के लिए 1200 रुपए, धान असिंचित 900 रुपए, सोयाबीन 1000 रुपए, मक्का 960 रुपए, कुटकी और कोदो 440-440 रुपए, मूंगफली 840 रुपए, मूंग 580 रुपए, उड़द 600 रुपए, अरहर 800 रुपए और रागी के लिए 1 प्रतिशत दर से 250 रुपए प्रति हेक्टेयर प्रीमियम तय किया गया है। एक ही अधिसूचित क्षेत्र और फसल के लिए अलग-अलग वित्तीय संस्थाओं से ऋण लेने की स्थिति में किसान को एक ही स्थान से बीमा कराना होगा। इसकी सूचना संबंधित बैंक को देना जरूरी है। निविदा के आधार पर कंपनी चयनित जिले में योजना के क्रियान्वयन के लिए बजाज एलियांज जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को निविदा के आधार पर चयनित किया गया है। योजना के तहत बीमा कवरेज में बाधित बुआई, रोपण जोखिम, कटाई के बाद नुकसान और ओलावृष्टि, जलभराव जैसी स्थानीय आपदाएं शामिल होंगी। कटाई के बाद खेत में सूखने के लिए छोड़ी गई फसल को चक्रवात या बेमौसमी बारिश से नुकसान होने पर अधिकतम 14 दिन तक बीमा सुरक्षा मिलेगी।


