भास्कर न्यूज|लुधियाना लुधियाना की सड़कों, गलियों और चौराहों पर लावारिस गायों का झुंड घूमना अब आम बात बन गया है। यह समस्या अब सिर्फ पशु कल्याण तक सीमित नहीं रही, बल्कि लोगों की जान और माल के लिए बड़ा खतरा बन गई है। रोजाना शहर के अलग-अलग इलाकों से शिकायतें मिल रही हैं कि गायों के झुंड ने राह चलते लोगों पर हमला कर दिया या आपसी लड़ाई में वाहनों और दुकानों को नुकसान पहुंचाया। शहरवासियों ने सवाल उठाया है कि सरकार गौ सैंस के रूप में करोड़ों रुपए वसूल रही है, फिर भी लावारिस गायों की देखभाल के लिए कोई पुख्ता व्यवस्था क्यों नहीं है। लोग कह रहे हैं कि ऐसा लगता है मानो नगर निगम और प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं।शहर में आए दिन गायों की वजह से हादसे हो रहे हैं। कभी बाइक सवार गिर जाते हैं तो कभी कारों की टक्कर हो जाती है। दुकानदार बताते हैं कि गायें अक्सर दुकानों के बाहर लगी चीजें तोड़ देती हैं। कई जगह तो लोग सड़क पर चलने से भी डरते हैं। लोगों का कहना है कि निगम ने गौ सैंस टैक्स तो लगा दिया, लेकिन न तो शहर से गायों को हटाया और न ही उनके लिए पर्याप्त गौशालाएं बनाईं। प्रशासनिक उदासीनता के कारण समस्या दिन-ब-दिन गंभीर हो ती जा रही है। गिल रोड निवासी राजेश शर्मा ने बताया कि गिल रोड दाना मंडी के पास सड़कों के बीच में ही गायें खड़ी रहती हैं। कई बार तो वे आपस में लड़ने लगती हैं, जिससे वाहन चालकों के लिए हादसे का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि हर दिन किसी न किसी इलाके से ऐसी खबरें आती हैं। वहीं, निगम और प्रशासन मूकदर्शक बने हुए हैं। हैबोवाल के संजय तिवारी ने बताया कि काली माता मंदिर रोड पर हमेशा जाम लगा रहता है। सड़क के बीच में ही गायें बैठ जाती हैं। वाहन चालक घंटों हॉर्न बजाते रहते हैं, लेकिन वे हिलती तक नहीं। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक पुलिस और नगर निगम के अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। जाम के कारण स्कूली बच्चे, मरीज और ऑफिस जाने वाले लोग परेशान हो रहे हैं। परमिंदर मेहता ने सवाल उठाया कि नगर निगम गौ सैंस टैक्स के रूप में करोड़ों रुपये वसूलता है, लेकिन गायों के लिए न तो शेल्टर होम की संख्या बढ़ाई गई और न ही उनकी देखभाल के लिए ठोस इंतजाम किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह राशि कहीं और खर्च हो रही है, जो गलत है। उन्होंने मांग की कि यह पैसा सिर्फ गौधन की देखभाल पर खर्च होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार अधिकारियों से इसकी शिकायत की है, लेकिन अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे। निगम की लापरवाही! सड़कों पर गायों का कब्जा, जान और माल का खतरा बढ़ा; लोगों ने कार्रवाई की मांग की लुधियाना| ग्यासपुरा सर्कल के वार्ड नंबर 32 से आम आदमी पार्टी के कई कार्यकर्ता भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। ये सभी कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देशहित की नीतियों से प्रभावित होकर भाजपा में आए। भाजपा के जिला अध्यक्ष रजनीश धीमान की अध्यक्षता में लुधियाना स्थित पार्टी कार्यालय में बैठक हुई। इसी दौरान आप छोड़ने वाले कार्यकर्ताओं को भाजपा का गमछा पहनाकर पार्टी में शामिल किया गया। भाजपा में शामिल होने वालों में अखिलेश पांडे, जतिंदर यादव, राजवीर सिंह, लखविंदर सिंह, रमनदीप सिंह, छोटू वर्मा, सुदामा यादव, गुरमेल सिंह, सोनू और अमनदीप सिंह शामिल हैं। इस मौके पर भाजपा के जिला महामंत्री यशपाल जनोत्रा, सर्कल प्रधान सुरेश अग्रवाल और हिमांशु कालड़ा भी मौजूद रहे। लुधियाना के हेबोवाल, जस्सियां रोड, जवला सिंह चौक, लक्ष्मी नगर,जालंधर बाईपास, पुरानी सब्जी मंडी, हंबड़ां रोड, दुगरी रोड, गिल रोड, ताजपुर रोड, धांधरा रोडजैसे इलाकों का जिक्र किया। यहां लावारिस गायों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ रही है। यह गायें भोजन की तलाश में झुंडों में घूमती हैं। कई बार आपस में भिड़ जाती हैं, जिससे राहगीरों, वाहनों और दुकानों को काफी नुकसान होता है। परमिंदर मेहता ने कहा कि यहां आए दिन हादसे होते रहते हैं। अगर समय रहते प्रशासन ने कदम नहीं उठाए, तो किसी भी जानी नुकसान की जिम्मेदारी सीधे अधिकारियों की होगी। उन्होंने डिप्टी कमिश्नर और नगर निगम कमिश्नर से अपील की है कि लावारिस गायों की देखभाल के लिए तुरंत व्यवस्था की जाए, जिससे होने वाले हादसों को तुरंत रोका जा सकता है। गौ सैंस की राशि को सिर्फ गायों की सेवा में ही खर्च किया जाए सड़कों को गौ मुक्त करने के लिए नियमित अभियान चलाया जाए।


