झारखंड में सहायक आचार्य नियुक्ति परीक्षा में नॉर्मलाइजेशन फार्मूला लागू करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए दाखिल याचिका पर गुरुवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 100 सीटें पारा शिक्षकों और 14 सीटें गैर पारा शिक्षकों के लिए फिलहाल सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है। साथ ही झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) को मामले में विस्तृत जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 5 अगस्त को होगी। अदालत ने कहा है कि यह मामला कोर्ट के अंतिम आदेश से प्रभावित होगा। नॉर्मलाइजेशन की बातें स्पष्ट थीं : जेएसएससी जवाब में जेएसएससी के अधिवक्ता संजय पिपरवाल और प्रिंस कुमार सिंह ने दलील दी कि विज्ञापन में नॉर्मलाइजेशन की बात स्पष्ट रूप से पहले ही की गई थी, इसलिए अब इसे चुनौती देना अनुचित है। कोर्ट ने इस तर्क पर संतोष नहीं जताया और राज्य सरकार तथा आयोग से जवाब मांगा। अदालत ने कहा कि यह मामला उसके अंतिम आदेश से प्रभावित होगा।


