प्राचीन शिवलिंग के लिए प्रसिद्ध गुमला का देवाकी धाम… यहां हैं चार मंदिर; सावन में पहुंचते हैं भक्त

भास्कर न्यूज | गुमला सावन को लेकर धार्मिक नगरी गुमला के माहौल में पावनता घुली हुई है। प्रत्येक सोमवार यहां के धार्मिक स्थलों में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। बाकी दिनों में भी श्रद्धालु पूजा पाठ करने देवालय पहुंच रहे है। प्रसिद्ध धार्मिक नगरी में गुमला से लगभग 30 किमी दूर घाघरा प्रखंड में घाघ नदी के किनारे में स्थित देवाकी बाबा धाम मंदिर घाघरा है, जो प्राचीन शिव जी के शिवलिंग के लिए प्रसिद्ध है। सावन मास के महीनों में बाबा बैजनाथ धाम की तर्ज पर यहां भी एक माह तक मेला लगाया जाता है। सावन भर हर सोमवार को शिव जी का दर्शन के लिए भक्तों का बहुत अधिक भीड़ होती है। जिले के जगह जगह से लोग यहां आकर पूजा अर्चना एवं शिवलिंग पर जल चढ़ाकर जाते हैं। सन 1967-68 के बीच में यहां शिवलिंग का खोज हुआ था। जिसके फलस्वरूप ऊपर यहां देवाकी धाम घाघरा भव्य मंदिर का निर्माण किया गया। यह मंदिर प्राचीन शिव मंदिर देवाकी घाघरा गुमला के नाम से प्रसिद्ध है। देवाकी बाबा धाम में एक मुख्य मंदिर भोलेनाथ जी का शिवलिंग से सजा मेन मंदिर है, जो राजकीय मुख्य घाघरा नेतरहाट मुख्य मार्ग से सटा हुआ ही है। साथ ही बगल में माता पार्वती जी का भी मंदिर है। उसके साथ नदी के उस पार एक और शिवलिंग का मंदिर है। जिसकी रखवाली श्रीगणेश जी करते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि मंदिर के बाहर श्रीगणेश जी का पत्थर से बने दो मूर्ति नुमा मूर्ति हैं, जो मंदिर के सामने हैं। साथ ही मुख्य मंदिर के नीचे की और एक हनुमान का मंदिर भी है। इस तरह से चार हैं। बरसात के आते ही सावन की तैयारी में लोग जुट जाते हैं। इस बार भी देवाकी बाबा धाम में भारी भड़कम सोमवार को भीड़ रहेगी। मान्यता है कि यहां मांगी गई मुराद पूरी होती है। बड़ी संख्या में भक्त पूजा पाठ करने आते है।

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