सावन माह का रविवार: श्री दुर्ग्याणा तीर्थ के श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में विग्रहों की फल, फूल और सब्जियों से सजावट

सावन माह के रविवार को उत्तर भारत के प्रसिद्ध तीर्थ श्री दुर्ग्याणा के श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में श्री ठाकुर जी, राम परिवार और राधा कृष्ण जी का कलियों, फूलों से शृंगार हुआ। जबकि मंदिर का बाहरी भाग सब्जियों और हरे पत्तों से सजाया गया। सुबह मंदिर के मुख्य पुजारी ने बाकी पंडितों के साथ मिलकर ठाकुर जी समेत सभी विग्रहों की आरती उतारी। वहीं शाम तीन बजे जैसे ही मंदिर खुला तो कमेटी के निर्देशों पर सावन पर्व पर मंदिर के सभी विग्रहों का कलियों और फूलों से सुंदर शृंगार किया। इसके बाद शाम को शहर के कई इलाकों से नवविवाहित जोड़े सावन शृंगार करके ठाकुर जी का आशीर्वाद लेने पहुंचे। नव विवाहित पति-पत्नी अपने परिवारों के साथ श्री ठाकुर जी का आशीर्वाद लेने पहुंचे। तीर्थ परिसर में कलियों, गुलाब के फूलों की दुकानें सजाकर बैठे दुकानदार नवविवाहितों को सजाने के मनमाने दाम वसूलने शुरू कर दिए हैं । नव विवाहित महिला को सजाने के लिए दुकानदारों ने बालों में गजरा, हाथों, कमर, कानों और माथे पर गुलाब और कलियों का शृंगार कराया। मंदिर के पंडितों के मुताबिक सावन माह में तीज का त्यौहार मनाने की यह परंपरा प्राचीन कालीन से चली आ रही है। जिसमें श्री ठाकुर जी को कलियों और फूलों का सुंदर शृंगार किया जाता है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *