मन में इच्छा शक्ति, श्रद्धा और विश्वास हो तो कोई भी काम मुश्किल नहीं होता। छेहर्टा नारायणगढ़ वासी और बाबा भोले नाथ के भक्त सचिन सरपाल ने मन में ठाना कि इस सावन बाबा भोले नाथ का स्नान हरिद्वार से गंगाजल लाकर कराया जाएगा। ट्रैवल का काम करने वाले सचिन सरपाल अपने माता-पिता का आशीर्वाद लेकर 13 जुलाई को ऑटो से हरिद्वार से गंगाजल लाने को रवाना हो गए। माता गंगा में स्नान करने के बाद सरपाल ने भोले नाथ का नाम लेकर कावड़ तैयार करके गंगाजल भरा और गुरुनगरी के लिए पैदल निकल पड़े। सरपाल के अनुसार, कावड़ का वजन 39 किलो था। सरपाल हरिद्वार से पैदल 435 किलोमीटर का सफर 7 दिन में तय करके रामबाग पहुंचे। आज छेहर्टा माता आरती देवा मंदिर में पहुंचकर बाबा भोले नाथ का गंगाजल से स्नान कराएंगे। सरपाल ने बताया कि वह बाबा भोले नाथ का भक्त हैं और मन में विचार आया कि देश के अलग-अलग राज्यों से सावन माह में कावड़िए गंगाजल लेने हरिद्धार जाते हैं मगर गुरुनगरी का कोई कावड़िया गंगाजल लेने नहीं जाता। बस फिर क्या था सरपाल ने बाबा भोले नाथ का नाम लिया और हरिद्वार गंगाजल लेने रवाना हो गया। रास्ते में कई शिव भक्तों ने काफी सहयोग किया। सरपाल ने बताया कि 7 दिनों की कावड़ यात्रा दौरान रास्ते में जहां रात पड़ी वहां विश्राम किया। कभी पेट्रोल पंप तो कभी सड़क किनारे रात गुजारी। कावड़ की मर्यादा कायम रखने को कुछ भी खाने के बाद गंगाजल डालकर दिन में 3 बार नहाए। कावड़ियों के लिए लगाए शिविर में शिव भक्तों द्वारा उसका सम्मान भी किया गया। उन्होंने कहा कि भोले नाथ की कृपा से वह हरिद्वार से गंगाजल लाने में सफल हो गए और सोमवार को इसी गंगाजल से बाबा भोले नाथ का जलाभिषेक किया जाएगा।


