जोधपुर रेंज की स्पेशल साइक्लोनर टीम ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए NDPS एक्ट के मामले में फरार चल रहे तीन आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार मुख्य आरोपी पर पाली पुलिस ने 25000 का इनाम घोषित किया था। आरोपी को पकड़ने के लिए साइक्लोनर टीम जमीन खरीदार बनकर पहुंची। आरोपी उस समय फॉर्म हाउस के पार्टी कर रहे थे। रेंज IG विकास कुमार ने बताया- आरोपियों को पकड़ने के लिए ऑपरेशन मद गवैया चलाया गया। अभियान के तहत जसाराम, बाबूराम और चेतन राम नाम के आरोपियों को पकड़ा गया। मुख्य आरोपी जस्साराम उर्फ जसिया (30) मुख्य आरोपी को पकड़ा गया। ये पिछले 6 साल से फरार था। इसके खिलाफ पाली, चितौड़, बाड़मेर तीन जिलों में फरार था। पाली पुलिस ने आरोपी पर 25 हजार का इनाम घोषित किया था। निंबाहेड़ा में बना रखा था ठिकाना आरोपी ने चितौड़गढ़ के निंबाहेड़ा को अपना ठिकाना बना रखा था। यहां से पूरे प्रदेश में नशा सप्लाई करता था। जस्साराम 11वीं में फेल हो गया था। इसके बाद प्राइवेट 12वीं पास की। पहले फॉर्म हाउस के काम करता था। बाद में सेकेंड हैंड गाड़ियां बेचता था। जिसके चलते उसके संपर्क खरताराम से हो गया। बाद में खरताराम के साथ मिलकर नशा सप्लाई करता था। बाद में एक ऑपरेशन के दौरान पुलिस से गिरने पर खरताराम ने खुद को गोली मार दी थी। इसमें बाद इसने खुद अपनी गैंग बनाकर नशा सप्लाई करने लगा। जस्साराम के साथ ही पुलिस ने बाबूराम को भी गिरफ्तार किया। बाबूराम भणियाणा में 11 किलो अफीम पकड़े जाने के मामले में फरार था। इसके छोटे भाई की पत्नी भणियाणा में उप प्रधान है। ये एनडीपीएस एक्ट के मामले में फरार था। इसके साथ चेतनराम को भी पकड़ा गया। इसलिए रखा ये नाम ऑपरेशन का नाम मद गवैया रखने के पीछे की वजह बताते हुए आईजी विकास कुमार ने बताया कि मद यानी मादक पदार्थ। आरोपी मादक पदार्थ की तस्करी करते थे। गवैया का नाम पंडित जसराज से लिया गया। क्योंकि आरोपी का नाम जस्साराम था। जबकि पंडित जसराज जो खुद गायक थे। इसलिए इसका नाम मदगवैया रखा गया। टीम अब तक 62 ऑपरेशन कर 64 आरोपियों को पकड़ा चुकी है।


