भास्कर न्यूज | बैकुंठपुर खड़गवां, मनेंद्रगढ़ और जनकपुर के स्कूलों में 15 जुलाई तक किताबें बांटनी थीं। लेकिन अब तक कई स्कूलों में किताबों का वितरण नहीं हो सका है। इससे खासकर 9वीं और 10वीं के छात्र परेशान हैं। संकुल केंद्रों में किताबें पहुंच चुकी हैं। लेकिन स्कूलों तक नहीं पहुंच पाई हैं। जुलाई खत्म होने को है, फिर भी छात्र खाली हाथ हैं। खड़गवां विकासखंड के ज्यादातर स्कूलों में अब तक निशुल्क पाठ्यपुस्तकें नहीं मिली हैं। इससे पढ़ाई में रुकावट आ रही है। भरतपुर ब्लॉक में भी यही हाल है। यहां भी किताबें संकुल केंद्रों में पड़ी हैं। लेकिन स्कूलों में वितरण नहीं हुआ है। बंजारीडांड संकुल के कई स्कूलों में शाला प्रवेशोत्सव के एक महीने बाद भी किताबें नहीं पहुंची हैं। शिक्षकों और पालकों का कहना है कि किताब वितरण की रफ्तार बहुत धीमी है। इससे छात्रों का समय बर्बाद हो रहा है। छात्र स्कूल आते हैं, घूमते हैं और लौट जाते हैं। शिक्षक अपने स्तर पर पढ़ा रहे हैं। लेकिन बिना किताबों के पढ़ाई अधूरी है। मौखिक पढ़ाई हो रही है। गृहकार्य, अभ्यास और मूल्यांकन नहीं हो पा रहा है। जिन स्कूलों को हर महीने शैक्षणिक लक्ष्य दिए गए हैं, वे भी पूरे नहीं हो पा रहे हैं। बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र सबसे ज्यादा परेशान हैं। 10वीं के कुछ स्कूलों में अब तक सिर्फ गणित की किताब ही मिली है। बाकी विषयों की किताबें नहीं आई हैं। किताब वितरण में सबसे बड़ी अड़चन बारकोड स्कैनिंग बन रही है। हर किताब का बारकोड स्कैन करना जरूरी है। इसी वजह से देरी हो रही है। संकुल बीईओ बलबिंदर सिंह ने बताया कि सभी संकुल केंद्रों में किताबें पहुंच चुकी हैं। सुबह और शाम स्कैनिंग का काम चल रहा है। दो-चार दिन में सभी स्कूलों में किताबें बांट दी जाएंगी।


