रांची में 6500 करोड़ रुपए की लागत से आउटर रिंग रोड बनेगा। रांची से जमशेदपुर तक फ्लैश चार्जिंग बस भी चलाई जाएगी। रातू रोड एलिवेटेड कॉरिडोर के नीचे सोहराय पेंटिंग भी बनाई जाएगी। केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इन तीनों योजनाओं को मंजूरी दे दी है। इन मुद्दों को लेकर रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने बुधवार को नितिन गडकरी से भेंट की थी। उन्हें स्मरण पत्र सौंपा था। इसमें इन योजनाओं को मंजूरी देने का आग्रह किया था। इस पर नितिन गडकरी ने तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया। संजय सेठ ने कहा कि गडकरी ने नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के अधिकारियों को 6500 करोड़ रुपए की लागत से आउटर रिंग रोड का डीपीआर तैयार करने का निर्देश दिया। साथ ही फ्लैश चार्जिंग बसों की डीपीआर तैयार करने को भी कहा। संजय सेठ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश प्रगति पथ पर चल रहा है। रांची के विकास को भी गति मिल रही है। इन तीनों परियोजनाओं से रांची को एक नई पहचान मिलेगी। फ्लैश चार्जिंग बस…18 मीटर लंबी होगी, 135 यात्री कर सकेंगे सफर फ्लैश चार्जिंग बस रांची शहर और रांची से जमशेदपुर के बीच चलेगी। 18 मीटर लंबी इस बस में एक साथ 135 यात्री सफर कर सकेंगे। दिव्यांगजनों के लिए सीट आरक्षित होगी। चाय-कॉफी के लिए अलग से काउंटर होगा। यह बस महज 15 सेकेंड चार्ज होने पर 40 किमी तक चल सकेगी। नागपुर के बाद रांची देश का दूसरा शहर होगा, जहां ये बसें चलेंगी। रांची में एक और मेदांता अस्पताल खुलेगा केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री ने दिल्ली में मेदांता ग्रुप के चेयरमैन डॉ. नरेश त्रेहान से भी मुलाकात की। उनसे झारखंड में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर बातचीत की। डॉ. त्रेहान ने बताया कि जल्दी ही रांची को एक और मेदांता अस्पताल मिलने वाला है। ताकि रांची के लोगों को बेहतर और समुचित इलाज मिल सके। संजय सेठ ने उनसे कई और सुझाव भी लिए।


