झारखंड चैंबर और ईएसआईसी ने बुधवार को चैंबर भवन में स्कीम फॉर प्रमोशन ऑफ रजिस्ट्रेशन ऑफ एम्प्लॉयर्स एंड एम्पलॉइज-2025 योजना (स्प्री) के क्रियान्वयन पर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया। यहां बताया गया कि यह योजना अपंजीकृत नियोक्ताओं और ऐसे नियोक्ताओं के स्व-पंजीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए एक विशेष पहल है, जिन्होंने अभी तक अपने सभी पात्र कर्मचारियों को ईएसआईसी में पंजीकृत नहीं कराया है। यह योजना एक जुलाई से 31 दिसंबर 2025 तक प्रभावी रहेगी। बीमा आयुक्त प्रणय सिन्हा ने सभी नियोक्ताओं से इस योजना का लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि इस योजना के तहत कोई दंडात्मक जांच या जुर्माना नहीं लगाया जाएगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि झारखंड में वर्तमान में आईपी की संख्या 7 लाख है। जैसे ही यह संख्या 10 लाख पार करेगी, निगम द्वारा जमशेदपुर में सब-रीजनल ऑफिस खोला जाएगा। झारखंड चैंबर के अध्यक्ष परेश गट्टानी ने ईएसआईसी के नवनिर्मित अस्पताल में मरीजों के लिए सभी मूलभूत सुविधाएं शीघ्र सुनिश्चित करने का आग्रह किया और नियोक्ताओं की ओर से मिल रही शिकायतों से भी अवगत कराया। उप निदेशक राजेंद्र टुडू ने यह जानकारी दी कि निगम अक्टूबर 2025 से 30 सितंबर 2026 तक एमनेस्टी स्कीम भी ला रहा है, जिसके तहत वर्षों से लंबित न्यायालयी 32 हजार से अधिक मामलों का समाधान निकाला जाएगा। मौके पर चैंबर महासचिव आदित्य मल्होत्रा, उपाध्यक्ष राहुल साबू, प्रमोद सारस्वत, ज्योति कुमारी समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।


