साहिबगंज में देश की सर्वाधिक डॉल्फिन ने दर्ज कराई उपस्थिति:प्रति किलोमीटर औसतन 2.88 डॉल्फिन, संरक्षण के लिए एक बड़ी उपलब्धि

साहिबगंज में गंगा नदी के 89 किलोमीटर लंबे खंड में डॉल्फ़िन की उपस्थिति दर प्रति किलोमीटर 2.88 दर्ज की गई है, जो अब तक भारत में किसी भी खंड में दर्ज सर्वाधिक दर है। यह आंकड़ा जून 2025 के प्रथम सप्ताह में वन्यप्राणी संस्थान भारत द्वारा किए गए वैज्ञानिक सर्वेक्षण के माध्यम से प्राप्त हुआ है। गंगा डॉल्फिन, जिसे वन्यप्राणी (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची–1 में शामिल किया गया है, भारत की राष्ट्रीय जलीय जीव है और इसे सर्वोच्च विधिक संरक्षण प्राप्त है। साहिबगंज खंड में डॉल्फिन की इस सघन उपस्थिति से यह स्पष्ट होता है कि यह क्षेत्र जल गुणवत्ता और पारिस्थितिकीय स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत उपयुक्त है। यह निष्कर्ष मार्च 2025 में प्रस्तुत राष्ट्रव्यापी रिपोर्ट से भी पुष्ट होता है, जिसमें झारखंड के गंगा नदी खंड को प्रति किमी डॉल्फिन की दृष्टि से देश का सबसे समृद्ध क्षेत्र बताया गया था। रिपोर्ट में बताया गया है कि डॉल्फिन की उच्च उपस्थिति दर को देखते हुए यह खंड संरक्षण की दृष्टि से एक उपयुक्त स्थल के रूप में सामने आता है। इससे डॉल्फिन के प्रजनन, आवास और दीर्घकालिक संरक्षण को सुदृढ़ समर्थन मिलेगा। साहिबगंज की यह डॉल्फिन उपस्थिति दर न केवल जैव विविधता की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भी संकेत करती है कि यह खंड गंगा डॉल्फिन के संरक्षण क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा सकता है। पिछले रिकॉर्ड से काफी बेहतर: वन प्रमंडल पदाधिकारी इधर, वन प्रमंडल पदाधिकारी प्रबल गर्ग ने बताया कि झारखंड के साहिबगंज के हिस्से में पड़ने वाले 89 किलोमीटर गंगा क्षेत्र वन जीव प्राणी संस्थान ने यह सर्वे किया है, जिसमें प्रति किलोमीटर 2.88 डॉल्फिन के उपस्थिति का आंकड़ा सामने आया है। जो पिछले रिकॉर्ड से काफी बेहतर है। यह डॉल्फिन संरक्षण के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

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