बालाघाट के वारासिवनी परिक्षेत्र के लेंडेझरी और डोंगरिया के बीच एक ही गांव के पांच लोगों पर जंगली सूअर ने हमला कर दिया। जिसमें घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों से मिलने, पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन और भाजपा नेत्री मौसम हरिनखेड़े, अस्पताल पहुंचे। जहां उन्होंने घायलों से घटना के बारे में जानकारी ली। घायलों से बात करने बाद पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने, चिकित्सकों के घायलों के उपचार को लेकर चर्चा की। सभी घायल लेंडेझरी के रहने वाले है। घटना के बाद कोई वनकर्मी अस्पताल नहीं पहुंचा था। वही परिक्षेत्र अधिकारी से मामले में चर्चा करने कॉल किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल नहीं उठाया। फिलहाल घायलों का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। घटना 27 दिसंबर की शाम 5.30 से 6 बजे की बताई जा रही है। शीला पति धनराज ठाकरे, खेत में काम कर रही थी। इसी दौरान, जंगल से आए जंगली सूअर ने उस पर हमला कर दिया। जिसे अभी लोग, एम्बुलेंस से उपचार के लिए अस्पताल भेजे ही थे। फिर जंगल से लौटकर आए जंगली सूअर को लोगों ने भगाने का प्रयास किया। इसी में जंगली सूअर ने बाबूलाल पिता सुखलाल भगत, अंबिकाप्रसाद चौहान, कुलदीप मर्सकोले और सुरेन्द्र कटरे पर भी हमला कर उन्हें घायल कर दिया। पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने बताया कि जंगली सूअर के हमले से महिला शीला ठाकरे के कॉलर बोन में गंभीर चोटें है। वहीं बाबूलाल के शरीर के पिछले हिस्से और पैर में चोटें आई है। अंबिकाप्रसाद चौहान, कुलदीप मर्सकोले और सुरेन्द्र कटरे को भी शरीर के हिस्सों में जंगली सूअर ने हमला कर चोट पहुंचाई हैं।


